नई दिल्ली: विदेशी निवेशक पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजार में भारी बिकवाली कर रहे हैं। 2025 की शुरुआत से वे 39 अरब डॉलर निकाल चुके हैं और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच भारत को दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स माने जाने वाले लैरी फिंक की कंपनी ब्लैकरॉक का साथ मिला है। यह दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर है। ब्लैकरॉक ने भारत में अपना निवेश बनाए रखा है और उसका कहना है कि भारतीय शेयरों की वैल्यूएशन अब नॉर्मल स्तर पर आ चुकी है।
ब्लैकरॉक में एपीएसी के लिए चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट बेन पॉवेल ने ईटी मार्केट्स के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम भारत को लेकर ओवरवेट हैं। हमारा मानना है कि आने वाला समय भारत का है क्योंकि उसे डेमोग्राफिक डिविडेंड का फायदा मिलेगा। इस दशक के अंत तक ग्लोबली हर पांच में से एक वर्कर भारत में होगा। सुधारों और टेक्नोलॉजी के साथ ही भारत की इकॉनमी में भी एफिशियंसी और प्रॉडक्टिविटी सुधार होगा।










































