नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है पासपोर्ट; विदेश मंत्रालय के रुख पर सुप्रिया श्रीनेत का केंद्र पर निशाना, पूछे कई सवाल

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नई दिल्ली: पासपोर्ट क्या सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज है, या फिर यह भारतीय नागरिक होने का भी सबूत है? केंद्र सरकार के एक हालिया बयान के बाद यही सवाल चर्चा का विषय बन गया है। सरकार ने कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि एक यात्रा दस्तावेज है। इसके बाद विपक्ष ने सरकार से कई सवाल पूछे हैं और इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार के इस रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो पासपोर्ट जारी करने से पहले होने वाली पुलिस वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की जांच का क्या महत्व है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या दुनिया के दूसरे देशों को अब यह मान लेना चाहिए कि भारतीय पासपोर्ट रखने वाला हर व्यक्ति जरूरी नहीं कि भारतीय नागरिक ही हो।सुप्रिया श्रीनेत ने क्या सवाल उठाए?

  • क्या भारतीय पासपोर्ट गैर-भारतीय नागरिकों को भी जारी किया जा सकता है?
  • पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस और सरकारी एजेंसियां क्या जांच करती हैं?
  • विदेशी देशों के इमिग्रेशन अधिकारी भारतीय पासपोर्ट को किस नजरिए से देखें?
  • अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो नागरिकता साबित करने का सबसे भरोसेमंद तरीका क्या है?

सरकार ने क्या कहा?

हाल ही में विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से कहा गया कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देना है। कानूनी तौर पर इसे नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता।

कौन-से दस्तावेज हैं नागरिकता का प्रमाण और कौन-से नहीं?

  • भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज नहीं है।
  • आधार कार्ड नागरिकता नहीं, केवल पहचान और निवास का प्रमाण है।
  • वोटर आईडी मतदान के अधिकार का प्रमाण है, नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं।
  • पैन कार्ड केवल कर (Tax) पहचान के लिए जारी किया जाता है।
  • राशन कार्ड सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का दस्तावेज है।
  • पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता।
  • गृह मंत्रालय के अनुसार नागरिकता नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत जन्म, वंश, रजिस्ट्रेशन, नैचुरलाइजेशन या क्षेत्र विलय के आधार पर तय होती है।
  • भारत में नेशनल सिटिजनशिप कार्ड जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
  • रजिस्ट्रेशन या नैचुरलाइजेशन के जरिए नागरिकता पाने वालों को सिटिजनशिप सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।

विवाद की वजह क्या है?

सरकार के इस बयान के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं। आम धारणा यही रही है कि भारतीय पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। ऐसे में यह बयान लोगों को उलझन में डाल रहा है।

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