महंगाई ने बिगाड़ा घर का बजट! गृहणियों ने बताया, खर्च घटाने के लिए कहां-कहां करनी पड़ रही कटौती

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Inflation: महंगाई के बीच गृहणियां घरेलू बजट संभालने के लिए गैर-जरूरी खर्च घटा रही हैं, थोक खरीदारी, ऑफर, कीमतों की तुलना और खाद्य सामग्री की बर्बादी रोककर बचत कर रही हैं।Inflation: लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब सीधे घर के मासिक बजट पर दिखाई देने लगा है। खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान, बिजली, गैस और बच्चों की जरूरतों तक कई खर्च बढ़ने से परिवारों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ रहा है। ऐसे में गृहणियां घर का खर्च संभालने के लिए जरूरत और इच्छा के बीच फर्क करते हुए कई चीजों में कटौती कर रही हैं। गृहणियों के मुताबिक, बढ़ती कीमतों के बीच सबसे पहले राशन की खरीदारी का तरीका बदला है। पहले महीने भर का सामान एक साथ खरीद लिया जाता था, लेकिन अब कई परिवार जरुरत के हिसाब से सामान खरीद रहे हैं। महंगे खाद्य तेल, दाल, ड्राई फ्रूट्स और अन्य जरूरी सामान की मात्रा कम की जा रही है। कई घरों में ब्रांडेड उत्पादों की जगह कम कीमत वाले विकल्पों को प्राथमिकता दी जा रही है।

कई मोर्चों पर खर्चों में कटौती

महंगाई की मार ने आम परिवारों का रसोई और घरेलू बजट बुरी तरह बिगाड़ दिया है। बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए गृहणियों को कई मोर्चों पर खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। दिल्ली के मंडावाली इलाके में रहने वाली सरिता देवी का कहना है कि अब वे राशन की खरीदारी में सस्ते विकल्प चुन रही हैं। बाहर खाना खाने, सिनेमा जाने और अनावश्यक खरीदारी जैसे मनोरंजन के खर्चों पर पूरी तरह लगाम लग गई है। रोजमर्रा की सब्जियों और फलों की खरीद सीमित कर दी गई है। ताकि सीमित आमदनी में घर का जरूरी खर्च चलाया जा सके।

जिसकी ज्यादा जरूरत नहीं उसमें कटौती

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के गरिमा गर्डन में रहने वाली गृहणी ने कहा कि राशन और जरूरी सामान की खरीदारी से पहले कीमतों की तुलना करती हूं और कहां सस्ते सामान मिलते हैं, वहां जाकर खरीदारी करती हूं। ताकि घर के खर्च का बजट कम हो। अब शब्दों में प्याज की कटौती कर रही हूं। चीनी का इस्तेमाल भी कम कर दिया है। पर्व-त्योहारों में खरीदना तो पड़ता ही है। इसकी जगह कपड़ों अन्य जरूरी सामानों पर कम खर्च कर रही हूं। इस तरह छोटे-छोटे बदलावों से परिवार का बजट संतुलित रखने की कोशिश कर रही हूं।ग्रामीण इलाके में भी महंगाई ने किया परेशान

बिहार के छपड़ा की रहने वाली मीना देवी ने कहा कि महंगाई बढ़ने से आम परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। खाने-पीने की चीजों से लेकर सब्जी, दूध, गैस, बिजली और रोजमर्रा के सामान की कीमतों ने खर्च बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि बजट संभालने के लिए कई जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। बाजार में खरीदारी कम हो गई है। कई परिवार सब्जियों और किराने की खरीदारी में भी तुलना कर सस्ते विकल्प चुन रहे हैं।

पॉश सोसायटी में रहने वालों पर भी पड़ा असर

आम आदमी को तो छोड़िये इसका असर पॉश सोसायटी में रहने वालों के किचन के बजट पर भी पड़ा है। ग्रेटर नोएडा के पॉश सोसायटी पारामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में रहने वाली गृहणियों में से एक नंदना पंकज ने बताया कि चीनी-प्याज की कीमतों की वजह से राशन की खरीदारी में अधिक पैसे खर्च करने पड़े। हालांकि हमारे ऊपर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। जितना कि गरीब लोगों पर पड़ा है। कम कमाई की वजह उसका जीवन जीना मुश्किल हो गया है।

बाहर खाना और ऑनलाइन ऑर्डर हुआ कम

महंगाई के कारण बाहर खाने और ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का खर्च भी कम किया जा रहा है। गृहणियों का कहना है कि परिवार के लिए महीने में कई बार बाहर खाना पहले सामान्य बात थी, लेकिन अब इसे खास मौकों तक सीमित किया जा रहा है। घर पर ही पसंदीदा व्यंजन बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि कम खर्च में जरूरत पूरी हो सके।

सब्जियों और फलों की खरीद में भी बदलाव

सब्जियों और फलों की बढ़ती कीमतों ने भी घरेलू बजट को प्रभावित किया है। परिवार अब महंगी सब्जियों और फलों की जगह मौसम के हिसाब से उपलब्ध सस्ते विकल्प खरीद रहे हैं। गृहणियां सप्ताह का मेन्यू पहले से तय करके खरीदारी करने पर जोर दे रही हैं, जिससे जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने और बर्बादी को रोका जा सके।

कपड़े और शॉपिंग पर लग रही लगाम

महंगाई का असर गैर-जरूरी खरीदारी पर भी पड़ा है। कपड़े, जूते, घरेलू सजावट और अन्य सामान की खरीदारी को टाला जा रहा है। गृहणियों का कहना है कि अब कोई चीज खरीदने से पहले यह देखा जाता है कि वह वास्तव में जरूरी है या नहीं। बच्चों के कपड़ों और अन्य सामान में भी सेल और डिस्काउंट का इंतजार किया जा रहा है।

बिजली-पानी के बिल को कम करने की कोशिश

बढ़ते घरेलू खर्च के बीच बिजली का बिल कम करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जरूरत न होने पर लाइट, पंखे और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखने, एसी का इस्तेमाल सीमित करने और बिजली की खपत पर नजर रखने जैसी आदतें अपनाई जा रही हैं। इसी तरह पानी और गैस की बर्बादी रोकने की कोशिश भी की जा रही है।

बचत के लिए मनोरंजन और घूमने-फिरने में कटौती

महंगाई के दौर में मनोरंजन और घूमने-फिरने का बजट भी प्रभावित हुआ है। कई परिवार बाहर घूमने या महंगे मनोरंजन विकल्पों की जगह घर पर समय बिताने को प्राथमिकता दे रहे हैं। छोटी-छोटी बचत को जोड़कर महीने के अंत में बजट संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।

हर खर्च पर रखने लगी नजर

गृहणियों का कहना है कि महंगाई ने घर चलाने के तरीके को बदल दिया है। अब हर खर्च का हिसाब रखा जा रहा है और गैर-जरूरी खर्चों को तुरंत कम करने की कोशिश होती है। जरूरत के सामान की कीमतों में बदलाव और सीमित आय के बीच घरेलू बजट को संतुलित रखना चुनौती बन गया है। ऐसे में छोटी-छोटी बचत और समझदारी से की गई खरीदारी ही परिवारों के लिए खर्च संभालने का सबसे बड़ा सहारा बन रही है।

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