लालबर्रा। क्षेत्र के विकास को नई गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के के उद्देश्य से जनपद पंचायत लालबर्रा के सभाकक्ष में शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में प्रारंभ हुई। आयोजित बैठक में लालबर्रा विकासखंड की सभी ७७ ग्राम पंचायतों में जारी विकास कार्यों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग और एनआरएलएम से जुड़े जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से रखते हुए निर्देश दिये कि सिंचाई सुविधाओं को दुरूस्त करने के लिए नहरों और केनालों की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सफाई करवाई जाये ताकि अंतिम छोर तक किसानों को पानी मिल सके। वहीं एनआरएलएम के तहत चलाये जा रहे ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम को लेकर आ रही शिकायतों पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण महिलाओं को कार्यक्रम में उपस्थित न होने पर ‘मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना’ से वंचित करने की धमकी या दबाव देना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस तरह की कार्यप्रणाली पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान और कृषि तथा घरेलू उपयोग हेतु निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्या से विधायक एवं विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया। जिसमें नल-जल योजना एवं बिजली विभाग की समस्या रखते हुए कहा कि नल-जल योजना का नियमित रूप से पानी नही मिलता है। साथ ही विद्युत तार कुछ स्थानों पर सडक़ किनारे नीचे झुल रहे है जिससे किसी भी समय हादसे घटित होने की संभावना बनी हुई है, जिससे दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए जल्द उन्हे दुरूस्त करने कहा गया। बैठक में अधिकारियों को उनके दायित्वों का बोध करवाते हुए विधायक श्रीमती मुंजारे ने कहा जनपद पंचायत का प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहे। किसी भी राजनीतिक या जनप्रतिनिधि के अनुचित दबाव में आकर कार्य करने की आवश्यकता नहीं है। शासन की मंशा के अनुसार पारदर्शी, समयबध्द और गुणवत्तापूर्ण काम करने की बात कहीं। साथ ही यह भी कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। वहीं आयोजित समीक्षा बैठक में २२ विभागों में से ३ विभाग मत्स्य, एमपीआरडीसी, आबकारी विभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहे। जिन्हे कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।










































