ईरान-अमेरिका तनाव की एक बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी है। ईरान के करीब समुद्र का वह इलाका, जहां से तमाम देशों के जहाज, कच्चे तेल और लिक्विड नेचुरल गैस के टैंकर लेकर गुजरते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज में अमेरिका ने रोबोटिक सिस्टम भेजकर समुद्र की स्कैनिंग का काम किया है। आखिर क्यों सुपरपावर को वहां तकनीक का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी? बताया जा रहा है कि होर्मुज में समुद्र के अंदर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए अमेरिका ने समुद्री ड्रोन और रोबोटिक सिस्टमों को तैनात किया है।
क्यों किया जा रहा समुद्र को स्कैन?
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया भर के देशों के जहाज, तेल-गैस के टैंकर लेकर गुजरते हैं।
- वहां बारूदी सुरंगों के कारण उन्हें खतरा है।
- अमेरिका इन सुरंगों को ढूंढकर खत्म कर रहा है, ताकि जहाजों की बेहतर अवाजाही सुनिश्चित हो सके।
- रिपोर्ट कहती है कि इससे पहले साल 1980 में भी अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की पार कराया था।
- हालांकि तब तकनीक का इतना अधिक इस्तेमाल नहीं हुआ था।
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अंडरवॉटर ड्रोन और रोबोटिक सिस्टमों का इस्तेमाल
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका की नेवी, होर्मुज में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को ढूंढने के लिए इंसानी और रोबोटिक प्रोग्रामों को एकसाथ इस्तेमाल कर रही है। अंडरवॉटर रोबोटों की मदद से समुद्र के तल की जांच की जाती है। जहां कहीं बारूदी सुरंग का पता चलता है, उसे रोबोटिक सिस्टम की मदद से खत्म कर दिया जाता है।













































