बालाघाट(पदमेश न्यूज़)। मध्यप्रदेश तेल घानी बोर्ड के अध्यक्ष रामकिशन साहू (केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) का रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर बालाघाट आगमन हुआ। बालाघाट प्रवास के दौरान बोर्ड अध्यक्ष साहू अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। वहीं जिला तेली साहू समाज के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सर्किट हाउस में उनसे मुलाकात कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान जिले में सभी ग्रामों में संत जगनाडे महाराज और माता कर्मा का मंदिर बनाए जाने, जिला मुख्यालय में सामाजिक भवन बनाए जाने, सामाजिक गतिविधियों, समाज के उत्थान, समाज के लोगों को शिक्षित कर जागरुकता लाने सहित अन्य विषयों पर चर्चा की।इस दौरान जिला तेली साहू समाज के संरक्षक नारायण मदनकर ने जिले में हो रही सामाजिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। पूर्व अध्यक्ष कैलाश साहू ने जिला मुख्यालय में माता कर्मा का मंदिर, समाज का भवन सहित अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी दी।
सभी की एकजुटता और ताकत के कारण समाज को मिला बड़ा सम्मान – साहू
मप्र तेल घानी बोर्ड के अध्यक्ष रामकिशन साहू ने कहा कि जब समाज की रथयात्रा का समापन भोपाल के जंबूरी मैदान में हुआ था, तब मप्र प्रदेश सरकार ने सभी की एकजुटता और ताकत के कारण समाज को सम्मान दिया। मध्यप्रदेश तेल घानी बोर्ड का गठन किया। इस बोर्ड के प्रथम अध्यक्ष होने का गौरव उन्हें प्राप्त हुआ है। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से अब तेली समाज का एक व्यक्ति मंत्री सदैव बना रहेगा, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पांच वर्ष में समाज का एक महाकुंभ भोपाल के जंबूरी मैदान में होगा। इस महाकुंभ के माध्यम से हम अपने समाज की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में समाज के द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने जिले के सभी सामाजिक बंधुओं से आव्हान किया है कि वे समाज हित में जो भी सहयोग बनेगा, वह करने के लिए हमेशा तत्पर है।
इस अवसर पर जिला तेली साहू समाज के संरक्षक नारायण मदनकर, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष आशा साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष कैलाश साहू, कन्हैया लाल हटवार, इशूलाल धावड़े, जिला मीडिया प्रभारी भानेश साकुरे, हीरा बावनकर, रवि भेलावे, त्रिवेणी साहू, रजनी साहू, कीर्ति साहू, संजय हटवार, संतोष हटवार, सारिका हटवार, बसंत समरिते, सुशीला समरिते, दिव्यांश बावनकर, रुद्र हटवार सहित अन्य बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।










































