पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 इस बार कई मायनों में खास माना जा रहा है। जहां देश के अन्य राज्यों जिनमें असम, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं। यहां पर 9 अप्रैल 2026 को चुनाव हो चुके हैं। वहीं पश्चिम बंगाल (Bengal Chunav 2026) में पहले चरण की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को चुनाव होना है। जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। बता दें कि दूसरे चरण की 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
पहले 6-8 चरणों में होते थे चुनाव
इन सभी राज्यों की सीटों का रिजल्ट 4 मई को आना है। हालांकि पहले के मुकाबले यह चुनाव कार्यक्रम छोटा है, क्योंकि पहले यहां 6 से 8 चरणों में मतदान कराया जाता था। इसके बावजूद बंगाल का चुनावी माहौल बाकी राज्यों से अलग और ज्यादा चर्चा में है। राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक दलों का सबसे ज्यादा ध्यान इस समय पश्चिम बंगाल पर ही टिका है। इसकी मुख्य वजह है तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आमने-सामने की सीधी टक्कर।
बहुमत के लिए चाहिए 148 सीट
एक तरफ ममता बनर्जी का नेतृत्व है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है। 2021 के चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर खुद को एक मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित किया था। अब पार्टी का लक्ष्य इस प्रदर्शन को जीत में बदलना है। बंगाल की 294 सीटों में से सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है और भाजपा इस बार बहुमत हासिल करने की कोशिश में है।










































