India Defense Export Brahmos : स्ट्रिंग ऑफ पर्ल के जरिये चीन लंबे समय से भारत को व्यापारिक और सामरिक तौर पर घेरने में जुटा है। लेकिन, अब भारत डिफेंस एक्सपोर्ट के जरिये ड्रैगन के मंसूबों पर पानी फेर रहा है। सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि तुर्किये भी भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट से चिढ़ा और डरा हुआ है। दरअसल, चीन और तुर्किये वे देश हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खुलकर पाकिस्तान की मदद की थी।
चीन और तुर्किये ने पाकिस्तान को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट दिए। वहीं, भारत ने अब ब्रह्मोस और आकाश जैसे मिसाइल सिस्टम उन देशों को निर्यात करने का फैसला किया है, जो तुर्किये और चीन के साथ सीमा साझा करते हैं, या सीमा विवाद रखते हैं। मिसाल के तौर पर भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल दी हैं। चीन और फिलीपींस में पश्चिमी फिलीपींस सागर और दक्षिणी चीन सागर को लेकर गहरा विवाद है। दोनों देशों के बीच कई बार झड़पें भी हो चुकी हैं।
इसी तरह भारत ने अब वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ भी ब्रह्मोस के सौदे पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। खासतौर पर वियतनाम के साथ डील ने ड्रैगन की सांस फुला दी है। क्योंकि वियतनाम और चीन जमीन और समुद्री सीमा साझा करते हैं। इसके अलावा इंडोनेशिया एक बड़ा बाजार है, जहां चीन सहित तमाम देश हथियार बेचना चाहते हैं।रक्षा सचिव के बयान ने मचाई खलबली
पिछले दिनों भारत के रक्षा सचिव RK Singh ने सिंगापुर में शंगरीला डायलॉग में बताया कि भारत तेजी से डिफेंस एक्सपोर्टर बन रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के नतीजों को देखने के बाद दुनियाभर में भारतीय हथियारों की डिमांड बढ़ी है। खासतौर पर पाकिस्तानी एयरबेस और आतंकी ठिकानों को तबाह करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की दुनियाभर में डिमांड है।सिंह ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि भारत फिलीपींस को पहले ही ब्रह्मोस की एक खेप डिलीवर कर चुका है। इसी दौरान सिंह ने बताया कि भारत और वियतनाम भी ब्रह्मोस डील पर काफी आगे बढ़ चुके हैं। 60 अरब रुपये की इस डील के तहत भारत वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ ही ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट भी देगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 17 से ज्यादा देश ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं। वहीं, रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारत ने रिकॉर्ड डिफेंस एक्सपोर्ट किया है और ग्लोबल डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।










































