9 अप्रैल को दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2026) के लिए वोटिंग हुई। असम, केरल और पुडुचेरी- इन तीनों जगहों पर रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई।मतदान प्रतिशत बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। असम में 85.38%, केरल में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% वोटिंग ने राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया है। कारण स्पष्ट है- जब भी मतदान प्रतिशत बढ़ता है, तो एक अलग ही ट्रेंड दिखने को मिलता है और लैंडस्लाइड विक्ट्री का समीकरण बनने लगता है, लेकिन हर बार ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है।
अपने-अपने दावे
मतदान प्रतिशत बढ़ने पर जहां विपक्षी पार्टी कांग्रेस खुश दिख रही है, उसे उम्मीद है कि असम, केरल और पुडुचेरी में उसकी सरकार बन सकती है, क्योंकि मतदान प्रतिशत, सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है।
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जबरदस्त मतदान ’’सामान्य बात नहीं है बल्कि ऐतिहासिक’’ है। शर्मा ने कहा कि इस चुनाव का परिणाम हमारे लोगों के चेहरों पर उम्मीद, गर्व और खुशी के रूप में पहले से ही दिखाई दे रहा है।
- कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने राज्य में बदलाव के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया। गोगोई ने एक बयान में कहा कि लोगों ने “नए बोर-असम’’ (नए और ग्रेटर असम) और नए नेतृत्व की उम्मीद में मतदान किया। उन्होंने कहा, ’’अब निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा सुनिश्चित करे और चार मई को मतों की सटीक गिनती कराए।’’
- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सी एन मोहनन ने मतदाता सूचियों में पुनरीक्षण को इस वृद्धि का कारण बताया। उन्होंने कहा, ’’मृत या पलायन कर चुके लोगों के नाम हटाए जाने के कारण मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है।’’
- कांग्रेस नेता दीप्ति मैरी वर्गीज ने कहा कि इस प्रवृत्ति का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “आमतौर पर यह प्रवृत्ति देखी जाती है कि जब मतदान प्रतिशत बढ़ता है, तो यह यूडीएफ के लिए अनुकूल हो जाता है।’’
- भाजपा नेता के.एस. शैजू ने इस वृद्धि को जमीनी स्तर पर मतदाताओं के व्यवहार से जोड़ा। उन्होंने कहा, ’’हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार अधिक महिला मतदाता मतदान करने आई हैं।’’ उन्होंने अपनी पार्टी की संभावनाओं के बारे में भी विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ’’महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी भाजपा के पक्ष में होगी।’’










































