इंदौर: मध्य प्रदेश की तत्कालीन कमलनाथ की सरकार में सामने आए हनी ट्रैप मामले ने हड़कंप मचा दिया था। उस मामले की आरोपी श्वेता जैन फिर से लौट आई है। उसने इंदौर में एक बड़े शराब करोबारी को हुस्न की जाल में फंसाया है। साथ फोटो और वीडियो वायरल करने के नाम पर करोड़ों रुपए की उगाही की कोशिश की गई है। मामले की शिकायत के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने श्वेता जैन समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
45 वर्षीय कारोबारी ने दर्ज कराई है शिकायत
इंदौर पुलिस के मुताबिक बाणगंगा इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी शराब और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसकी पहचान कुछ साल पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से हुई थी। अलका के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह अवैध शराब तस्करी के मामलों में भी नामजद रही है।जान से मारने की धमकी दी गई
जांच में सामने आया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन खुद को बड़ा निवेशक बताकर कारोबारी पर साझेदारी का दबाव बना रहा था। जब कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपियों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। फरियादी के अनुसार कुछ दिन पहले सुपर कॉरिडोर इलाके में अलका और उसका बेटा जयदीप और लाखन ने उसे घेर लिया। इस दौरान मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी
आरोप है कि हनी ट्रैप गैंग ने कारोबारी से कहा कि यदि उसने 50 प्रतिशत साझेदारी और एक करोड़ रुपए नहीं दिए तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। लगातार धमकियों से परेशान होकर कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले की गुप्त जांच शुरू की।आरोपियों को किया गिरफ्तार
रविवार देर रात पुलिस अधिकारियों की बैठक के बाद विशेष टीम बनाई गई। करीब 40 पुलिसकर्मियों की सात टीमें अलग-अलग जगहों पर रवाना की गईं। तड़के कार्रवाई करते हुए पुलिस ने द्वारकापुरी से जयदीप को पकड़ा जबकि अलका को उसके निर्माणाधीन मकान से हिरासत में लिया गया। दूसरी टीम ने पीथमपुर से लाखन चौधरी को गिरफ्तार किया।










































