50 दिन बाद भी नहीं हटी शराब दुकान, महिलाओं ने दी भोपाल कूच की चेतावनी,

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शहर के वार्ड क्रमांक-12 बूढ़ी स्थित शराब दुकान के स्थान परिवर्तन की मांग को लेकर आंदोलनरत महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग दोहराई। महिलाओं ने बताया कि उनका अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 50वें दिन में पहुंच चुका है, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि कई बार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के समक्ष मांग रखने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका आरोप है कि अब तक न तो शराब दुकान का स्थान परिवर्तन किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई है। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को भोपाल तक ले जाएंगी। इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है और जल्द ही मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी संख्या में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। उन्होंने सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि अब तक कोई वादा धरातल पर उतरता दिखाई नहीं दे रहा है। महिलाओं ने कहा कि जब तक शराब दुकान का स्थान परिवर्तन नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। जनसुनवाई में पहुंचे अधिकारियों को भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती हैं।

बूढ़ी स्थित वार्ड क्रमांक-12 की शराब दुकान के स्थान परिवर्तन की मांग को लेकर क्षेत्र की महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। वार्ड क्रमांक 12, 13 सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं पिछले लगभग डेढ़ माह से अधिक समय से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से महिलाओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मंगलवार को आंदोलन के 50 दिन पूरे होने पर लगभग 25 से 30 महिलाएं कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। महिलाओं का कहना था कि बीते 50 दिनों से लगातार आंदोलन किए जाने के बावजूद न तो आबकारी विभाग ने और न ही जिले के जनप्रतिनिधियों ने शराब दुकान के स्थान परिवर्तन को लेकर कोई ठोस कदम उठाया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक उन आश्वासनों का कोई परिणाम सामने नहीं आया। उनका कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाओं, बच्चों तथा छात्र-छात्राओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने बताया कि विभाग द्वारा जब वैकल्पिक स्थान की मांग की गई थी, तब उन्होंने स्वयं आगे आकर लगभग तीन स्थान चिन्हित कर विभाग को प्रस्तावित किए थे, लेकिन इसके बावजूद शराब दुकान का स्थान परिवर्तन नहीं किया गया। इससे यह प्रतीत होता है कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रही वार्डवासी महिला सीमा ने बताया कि उनके धरना-प्रदर्शन को आज पूरे 50 दिन हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर दो दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अधिकांश शिकायतें आज भी लंबित हैं या उनका संतोषजनक निराकरण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार विधायक और सांसदों को भी ज्ञापन सौंपे गए तथा उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि लगातार आंदोलन के बावजूद यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो उन्हें मजबूरन आंदोलन को और व्यापक करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अब केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि भोपाल जाकर भी अपनी आवाज बुलंद करने की रणनीति तैयार की जा रही है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि यदि जल्द ही शराब दुकान का स्थान परिवर्तन नहीं किया गया तो वे बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगी। इसके लिए आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। इस दौरान कुछ महिलाओं ने अन्य राज्यों में शराब नीति को लेकर लिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सरकारों ने जनता की मांगों को गंभीरता से लेते हुए शराब दुकानों के संबंध में निर्णय लिए हैं, जबकि यहां एक दुकान के स्थान परिवर्तन को लेकर भी महीनों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। महिलाओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक वातावरण, महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शराब दुकान का स्थान परिवर्तन नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल महिलाओं के प्रदर्शन ने एक बार फिर शराब दुकान स्थानांतरण के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग महिलाओं की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन का समाधान कब तक निकल पाता है।

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