बगदाद: होर्मुज स्ट्रेट में चल रही ईरान और अमेरिका की नाकेबंदी के बीच पड़ोसी देश इराक ने अपने तेल के निर्यात को 3 गुना करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। इराक अपने उत्तरी और पश्चिमी रास्तों से तेल के निर्यात को 3 गुना करने पर काम कर रहा है। होर्मज संकट की वजह से इराक का तेल निर्यात नहीं हो पा रहा है जिससे उसकी कमाई बहुत गिर गई है। इराक की अर्थव्यवस्था तेल पर बहुत ज्यादा निर्भर है। ईरान जंग शुरू होने और होर्मुज में नाकेबंदी के बाद से ही इराक के दक्षिणी इलाके से तेल का उत्पादन बहुत ज्यादा गिर गया है। इराक की कैबिनेट ने कुर्दिस्तान-तुर्की पाइपलाइन की मदद से अगले ढाई महीने में अपना निर्यात 220,000 बैरल प्रतिदिन से 770,000 बैरल प्रतिदिन करने की योजना को मंजूरी दे दी है। वहीं यूएई ने भी कहा है कि वह नई पाइपलाइन बना रहा है ताकि होर्मुज स्ट्रेट के बिना ही तेल की सप्लाई की जा सके।
इन रास्तों के जरिए तेल को किर्कुक और कुर्दिसतान तेल फील्ड से तेल को तुर्की के भूमध्य सागर स्थित पोर्ट Ceyhan तक पहुंचाया जाएगा। इससे इराक को एक दुर्लभ वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा जिससे वह तेल का दुनिया को निर्यात कर सकेगा। इससे पहले इराक सरकार ने योजना बनाई थी कि 500,000 बैरल प्रतिदिन तेल को कुर्दिस्तान के रास्ते पहुंचाया जाए लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। इराक ने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से तेल टैंकर जा नहीं पा रहे हैं। इसी वजह से इराक ने अपने प्लान में बदलाव किया है। होर्मुज में अमेरिका ने अपने युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। इससे पूरे इलाके में भारी तनाव बना हुआ है।
इराक को घटाना पड़ा तेल का उत्पादन
सऊदी अरब और यूएई जैसे दिग्गज तेल निर्यातकों की तुलना में इराक के पास बहुत ही सीमित आधारभूत ढांचा है जिससे वह तेल का वैकल्पिक तरीके से निर्यात कर सके। इराक के दक्षिण बसरा टर्मिनल से निर्यात रुका हुआ है। इससे स्टोरेज केंद्र और टैंकर बहुत तेजी से भरते जा रहे हैं जिससे इराक को अपना तेल उत्पादन घटना पड़ा है। यहां से जहां पहले 43 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन उत्पादन होता था, वहीं अब यह घटकर 13 मिलियन ही रह गया है। इससे इराक की सरकार का खजाना खाली होता जा रहा है। इराक की कुल कमाई का 90 फीसदी तेल से होता है।










































