नौकरी और योजनाओं के नाम पर लाखों की ठगी के मामला में जांच जारी,पुलिस ने पीड़ितों से आगे आने की अपील की,

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जिले के कई शिक्षित युवाओं और किसानों के साथ कथित तौर पर नौकरी एवं शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर की गई ठगी के मामले में अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। कुछ दिन पूर्व दो दर्जन से अधिक युवाओं ने पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को शिकायत सौंपकर लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत में बताया गया था कि जिले में संचालित कुछ निजी कंपनियों ने स्वयं को शासकीय परियोजनाओं से जुड़ा बताकर युवाओं को रोजगार देने का भरोसा दिया और नियुक्ति के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए। पीड़ित युवाओं का आरोप है कि कंपनियों ने कई महीनों तक उनसे काम भी कराया, लेकिन न तो वेतन दिया गया और न ही नियुक्ति संबंधी कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। वहीं किसानों से भी विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और पंजीयन कराने के नाम पर राशि जमा कराई गई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जिलेभर में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियां और किसान इस कथित ठगी का शिकार हुए हैं तथा उनसे लाखों रुपये वसूले गए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ितों में नाराजगी देखी जा रही है। कई शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी पुलिस को उपलब्ध करा दी है, इसके बावजूद कार्रवाई की गति धीमी है।

जिले में समय-समय पर कई ऐसी कंपनियों के मामले सामने आते रहे हैं, जो रोजगार, निवेश और सरकारी योजनाओं का सपना दिखाकर लोगों से रकम वसूलने के बाद गायब हो जाती हैं। एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों और किसानों ने लाखों रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा से शिकायत की है। पीड़ितों के अनुसार कुछ माह पूर्व शहर के बूढी की एक महिला पूजा और जबलपुर के एक पुरुष द्वारा चार अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से युवाओं और किसानों को जोड़ा गया। उन्हें बताया गया कि यह शासन से जुड़ा एक दीर्घकालीन प्रोजेक्ट है, जो आने वाले लगभग 25 वर्षों तक संचालित होगा। विभिन्न पदों पर नियुक्ति देने के नाम पर युवाओं से 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि जमा कराई गई। साथ ही 30 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन भी दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रारंभिक चरण में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा युवाओं से विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे कार्य भी कराया गया। वहीं किसानों को पशुपालन, सोलर एनर्जी सिस्टम, मिट्टी परीक्षण, कृषि विकास योजनाओं तथा खेती लीज पर लेकर अधिक लाभ दिलाने जैसे प्रलोभन दिए गए। बताया जा रहा है कि नगर के उपनगरीय क्षेत्र बूढ़ी रेलवे क्रॉसिंग के समीप संचालित ए फॉर एग्रो एसोसिएट कंपनी, आर्या रिन्यूएबल एनर्जी, शिवाय एंड रुद्र कॉर्पोरेशन और पूजा एसोसिएट के माध्यम से युवाओं एवं किसानों से सुरक्षा निधि और पंजीयन शुल्क के नाम पर बड़ी राशि जमा कराई गई। कंपनी प्रबंधन द्वारा यह भरोसा भी दिया गया था कि जमा की गई राशि बाद में वापस कर दी जाएगी। पीड़ितों का आरोप है कि तीन से चार माह तक काम कराने के बाद जब वेतन की मांग की गई तो कंपनी से जुड़े जिम्मेदार लोगों ने टालमटोल शुरू कर दी। कई लोगों को भुगतान के नाम पर चेक दिए गए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वे चेक वापस हो गए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ चेकों पर किए गए हस्ताक्षर भी संदिग्ध पाए गए। इसके बाद जब कंपनी संचालकों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। युवाओं और किसानों का दावा है कि इस पूरे मामले में केवल बालाघाट ही नहीं, बल्कि सिवनी और अन्य जिलों के लोग भी प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है और बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए हैं। हालांकि शिकायत दर्ज होने के चार-पांच दिन बाद भी पुलिस द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला फिलहाल जांच के अधीन है और संबंधित दस्तावेजों एवं शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अभी तक सभी प्रभावित लोग औपचारिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।

पुलिस ने की शिकायत दर्ज करने की अपील

पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी किसान, युवक या युवती के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी हुई है तो वे संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराएं, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जा सके। फिलहाल जिले के करीब 100 से अधिक शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों और किसानों के इस मामले से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद यह प्रकरण जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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