EMI टालना फायदे का सौदा या कर्ज का नया जाल? Loan Moratorium चुनने से पहले समझें ब्याज का पूरा गणित

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वित्तीय संकट की स्थिति में जब व्यक्ति अपनी लोन ईएमआई को चुकाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है तब बैंक की ओर से लोन मोरेटोरियम की सुविधा दी जाती है। ऐसे में लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) एक राहत के विकल्प के रूप में सामने आता है। हालांकि, कई लोग इसे EMI माफी समझ लेते हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। यहां आपको समझने की जरूरत है कि मोरेटोरियम अवधि केवल ईएमआई भुगतान को कुछ समय के लिए पोस्टपोन करती है, लेकिन इससे लोन समाप्त नहीं होता।

क्या होता है लोन मोरेटोरियम?मोरेटोरियम एक ऐसी अवधि होती है, जिसके दौरान उधारकर्ता को अपने लोन की EMI का भुगतान नहीं करना पड़ता। यह सुविधा आमतौर पर विशेष परिस्थितियों में दी जाती है, जैसे आर्थिक संकट, नौकरी छूटना, व्यवसाय में नुकसान या अन्य वित्तीय कठिनाइयां। इस दौरान बैंक या वित्तीय संस्थान कुछ समय के लिए EMI भुगतान को टालने की अनुमति देते हैं। हालांकि, यह समझना बेहद जरूरी है कि मोरेटोरियम का मतलब EMI माफ होना नहीं है। इसका मतलब केवल भुगतान की तारीख आगे बढ़ाया जाना है।

मोरेटोरियम के दौरान क्या ब्याज लगता है?

इस अवधि को लेकर यह भी समझें कि मोरेटोरियम अवधि के दौरान भी लोन पर ब्याज लगता रहता है। यानी भले ही आप EMI नहीं भर रहे हों, लेकिन बकाया मूलधन पर ब्याज की गणना जारी रहती है। यही कारण है कि मोरेटोरियम समाप्त होने के बाद कुल लोन देनदारी बढ़ सकती है। सरल शब्दों में कहें तो बैंक आपको EMI भरने से अस्थायी राहत देता है, लेकिन उस अवधि का ब्याज बाद में जोड़ दिया जाता है। इससे कुल भुगतान की जाने वाली राशि पहले की तुलना में अधिक हो सकती है।

क्या बढ़ जाता है ब्याज का बोझ?

अगर कोई उधारकर्ता मोरेटोरियम का लाभ लेता है, तो बाद में उसे अतिरिक्त ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। क्योंकि EMI रुकने के बावजूद ब्याज जमा होता रहता है, इसलिए लोन की कुल लागत बढ़ जाती है।मोरेटोरियम समाप्त होने के बाद बैंक आमतौर पर दो विकल्प अपना सकते हैं। पहला, EMI की अवधि बढ़ा दी जाए ताकि अतिरिक्त ब्याज की भरपाई हो सके। दूसरा, EMI की राशि बढ़ा दी जाए। दोनों ही स्थितियों में उधारकर्ता पर कुल ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।

मोरेटोरियम लेने से पहले किन बातों पर करें विचार?

अगर आपकी वित्तीय स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और EMI चुकाना संभव नहीं है, तब मोरेटोरियम मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यदि आप EMI का भुगतान जारी रख सकते हैं, तो केवल सुविधा के लिए मोरेटोरियम लेना समझदारी नहीं माना जाता।उधारकर्ताओं को यह समझना चाहिए कि यह केवल अस्थायी राहत है, न कि मुफ्त मे दिया जा रहा लाभ। इसलिए आवेदन करने से पहले बैंक से यह जरूर समझ लेना चाहिे कि मोरेटोरियम का लोन, EMI और कुल ब्याज भुगतान पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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