Income Tax : इनकम टैक्स विभाग ने करीब 15,000 से 20,000 इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऐसे पाए हैं जिनमें टैक्स बचाने के लिए “स्वैप्ड प्रावधान” (Provision Swapping) यानी एक तरह की गड़बड़ी का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ टैक्सपेयर्स ने रिटर्न भरते समय पहले एक छूट या डिडक्शन का दावा किया और बाद में रिवाइज्ड या अपडेटेड रिटर्न में उसे हटाकर दूसरी छूट या प्रावधान का इस्तेमाल कर लिया, ताकि टैक्स कम देना पड़े। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह सिर्फ गलती सुधारने का मामला नहीं है, बल्कि कुछ मामलों में जानबूझकर नियमों का फायदा उठाकर टैक्स कम करने की कोशिश भी हो सकती है।
‘स्वैप्ड प्रावधान’ का मतलब क्या है?
“स्वैप्ड प्रावधान” कोई आधिकारिक शब्द नहीं है, लेकिन इसका उपयोग उस स्थिति के लिए किया जाता है जब कोई टैक्सपेयर एक टैक्स छूट को हटाकर उसकी जगह दूसरी छूट या डिडक्शन ले लेता है, जबकि वह दूसरी छूट उसकी पात्रता में आती ही नहीं है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार हर छूट और डिडक्शन की अपनी अलग शर्तें होती हैं। उन्हें बिना सही दस्तावेज और पात्रता के बदला नहीं जा सकता। उदाहरण के लिए, किसी सैलरीड व्यक्ति ने पहले HRA (हाउस रेंट अलाउंस) की छूट ली, लेकिन बाद में रिवाइज्ड रिटर्न में उसे हटाकर किसी अन्य अलाउंस का दावा कर दिया, जबकि वह अलाउंस उसकी सैलरी स्ट्रक्चर में था ही नहीं। ऐसा करना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है।
कैसे किया जा रहा है पता?
इनकम टैक्स विभाग अब टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसे मामलों की जांच कर रहा है। पहले जहां जांच मैन्युअल होती थी, अब कई डिजिटल डेटा सोर्स को मिलाकर मिलान किया जा रहा है। विभाग इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी को इन दस्तावेजों से क्रॉस-चेक कर रहा है:-










































