दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में भारी बैरिकेडिंग की है। मौके पर दिल्ली पुलिस और RAF के बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। CJP का मार्च सोमवार सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ सके। पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हैं।
23 दिनों से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक
CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन की ओर से कोई भी गलत कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, ताकि आंदोलन को बदनाम करने का कोई मौका न मिले। वहीं, 23 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं। पहली मांग है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी मांग के तहत CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति दी जाए और सांसदों की ओर से मुद्दा उठाने का भरोसा दिया जाए। तीसरी शर्त यह है कि अगर स्वास्थ्य कारणों से सोनम वांगचुक संसद नहीं जा सकते हैं तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही आश्वासन दें।
BNSS की धारा 163 लागू
प्रदर्शन और मानसून सत्र को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है। डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जमा होने, विरोध प्रदर्शन, जुलूस और धरने पर रोक रहेगी। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रशासन की अनुमति के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है। सीजेपी संसद मार्च से जुड़ी पल-पल की लाइव अपडेट्स के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।










































