नई दिल्ली: भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को मीडिया की उन खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है, जिसमें कथित छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर याचिका पर सुनवाई से उनकी ओर से इनकार किए जाने का दावा किया गया था। सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में उस दिन की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट किया है।
‘गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह’
लाइवलॉ के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर ओपन कोर्ट में कहा कि उनके सामने मात्र एक वकील के द्वारा भेजा गया रिप्रेजेंटेशन लेटर लाया गया था, अदालत के सामने कोई याचिका नहीं डाली गई थी। सीजेआई ने कहा कि औपचारिक याचिका के अभाव में मात्र रिप्रेजेंटेशन को रिट पिटीशन के रूप में नहीं लिया जा सकता। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले पर कुछ मीडिया संस्थानों की गई रिपोर्टिंग को ‘गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह’ बताया है।’रिप्रेजेंटेशन को रिट पिटीशन कैसे लूं?’
सीजेआई सूर्यकांत ने कुछ मीडिया संस्थानों के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में पूरी तरह से एक गलत बयान दिया गया कि एक याचिका दायर की गई थी और मीडिया ने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त रहते हुए गलत रिपोर्टिंग की कि चीफ जस्टिस ने मामले को लिस्ट करने से इनकार कर दिया।’










































