Tribal Department Hostel: उमरिया जिले के शाहपुर में जनजातीय विभाग के छात्रावास में बच्चे अव्यवस्थाओं के बीच रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। कलेक्टर ने व्यवस्थाओं को ठीक करने का निर्देश दिया था उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।उमरिया: जिले के दूरस्थ अंचल में संचालित शाहपुर जनजातीय बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं का आलम है। छात्रावास में रहने वाले बच्चे कमरे, बिस्तर और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। बारिश के मौसम में कमरों में छत से पानी टपकने से बच्चों की परेशानी और बढ़ गई है। वहीं बच्चों को उपलब्ध कराए गए बिस्तर भी गंदे हालत में हैं।बदहाल व्यवस्था के बीच जीने को मजबूर
सरकार की ओर से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए छात्रावासों की सुविधा दी गई है, ताकि उन्हें रहने और भोजन की चिंता किए बिना पढ़ाई का माहौल मिल सके। लेकिन शाहपुर छात्रावास की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर विकासखंड पाली के शाहपुर में संचालित जनजातीय बालक छात्रावास में बच्चे सीमित और बदहाल व्यवस्थाओं के बीच रहने को मजबूर हैं।
बारिश के दौरान कमरों में पानी टपकने से बिस्तर और अन्य सामान प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों के लिए पर्याप्त और साफ-सुथरे बिस्तरों की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। भोजन को लेकर भी बच्चों को परेशानी होने की बात सामने आई है।नया भवन तैयार, फिर भी नहीं लिया हैंडओवर
छात्रावास के लिए नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन विभाग अब तक उसका हैंडओवर नहीं ले सका है। इसके चलते बच्चे पुराने भवन में ही परेशानियों के बीच रहने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि नए भवन को लेकर उमरिया पीआईयू विभाग से ट्राइबल विभाग की बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण तक नहीं किया।
समस्याओं को सुधारा जा रहा है
जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी संजय पांडेय ने स्वीकार किया कि शाहपुर छात्रावास में समस्या है और व्यवस्थाओं में सुधार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वहां जाने के लिए कोई अधीक्षक तैयार नहीं है, जिसके कारण परेशानी बनी हुई है। नए भवन के संबंध में पीआईयू से चर्चा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
कलेक्टर ने किया था निरीक्षण
अव्यवस्था की शिकायत मिलने के बाद जिला कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। छात्रावास में अव्यवस्था देखकर सहायक आयुक्त ट्राइबल और अधीक्षक संजय पाण्डे को जमकर फटकार भी लगाई गई थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।










































