पदमेश न्यूज़।बालाघाट। मदर टेरेसा सेवा समिति द्वारा मदर टेरेसा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 27 अगस्त को जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ मदर टेरेसा के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं सहित करीब 15 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद का संकल्प लिया।शिविर के दौरान समिति के कार्यकर्ताओं ने रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक किया और भविष्य में भी इसी तरह रक्तदान एवं जनसेवा के कार्यों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
मानव सेवा की प्रेरणा हैं मदर टेरेसा
पदाधिकारियो द्वारा बताया गया कि मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीब, असहाय, बीमार और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। भारत में विशेष रूप से कोलकाता में उन्होंने मानव सेवा का व्यापक कार्य किया। उनके सेवा कार्यों के लिए वर्ष 1979 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी करुणा, सेवा और मानवता का संदेश आज भी लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करता है।
मदर टेरिसा से प्रेरित होकर 22 साल पहले की थी रक्तदान की शुरुवात- राजेश मरार
समिति के अध्यक्ष राजेश मरार ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा समय-समय पर गरीब, असहाय और पीड़ित लोगों की सेवा के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं।उन्होंने बताया कि मदर टेरेसा के सेवा और मानवता के कार्यों से प्रेरित होकर समिति द्वारा करीब 22 वर्ष पहले रक्तदान कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। यह सेवा कार्य लगातार जारी है और आने वाले समय में भी रक्तदान सहित जनसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।










































