रियल एस्टेट में युवाओं का निवेश लगातार बढ़ रहा है। प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत भी इस ट्रेंड में बदलाव नहीं ला पा रही है।देशभर में घरों की कीमतें पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। सबसे अधिक बढ़ोतरी मेट्रो शहरों में हुई है। दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में 2बीएचके फ्लैट की कीमत 1 से 5 करोड़ हो गई है। हालांकि, इसके बावजूद प्रॉपर्टी की मांग कम न हो रही है। इसकी वजह हाई-एंड प्रॉपर्टी के प्रति मिलेनियल्स (आज की युवा पीढ़ी) की दीवानगी है। मिलेनियल्स अब घर को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली, वित्तीय सुरक्षा और लंबे समय में धन सृजन के साधन के रूप में देख रहे हैं। खासकर मिलेनियल्स यानी युवा पीढ़ी के बीच प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग बनी हुई है। आइए समझते हैं क्यों युवाओं में लग्जरी होम का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
इसलिए रियल एस्टेट निवेश में बढ़ा रुझान
युवाओं में घर खरीदने की बढ़ती होड़ के पीछे कई अहम कारण हैं। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद वे पैतृक घर से अलग अपना आशियाना चाहते हैं, जो उन्हें बदलती जीवनशैली के साथ स्थायित्व और वित्तीय सुरक्षा देता है। गेटेड प्लॉट और हाईराइज सोसायटी में सीमित शुल्क में पार्क, क्लब, जिम, पार्किंग, लिफ्ट, स्विमिंग पूल और 24 घंटे सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी उन्हें आकर्षित करती हैं। इसके अलावा, युवा रियल एस्टेट को लंबी अवधि में संपत्ति बनाने, किराये से आय हासिल करने और आर्थिक स्वतंत्रता का जरिया मान रहे हैं। मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक गलियारों जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स वाले इलाकों में निवेश का रुझान भी बढ़ रहा है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की उम्मीद रहती है।
प्रॉपर्टी दुनिया के विशेषज्ञों का क्या है कहना?
रियरको प्राइवेट लिमिटेड के एमडी, गीतांजलि खन्ना ने बताया कि आज के युवा मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर हब के आस-पास उभरते हुए रियल एस्टेट डेस्टिनेशन पर दांव लगा रहे हैं और प्रीमियम और अल्ट्रा-लग्जरी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं। उनकी निवेश की रणनीति अब शॉर्ट-टर्म से लॉन्ग-टर्म में बदल गई है जिसमें बढ़िया रेन्टल इंकम और कंपाउंडिंग दोनों का फायदा मिल रहा है। इसलिए युवाओं को हाई-एंड प्रॉपर्टी पसंद आ रही है।रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन, शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि युवा वर्ग आर्थिक सुरक्षा, स्थिरता, बदलती जीवनशैली और सामाजिक सोच के कारण प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। वे अपने माता-पिता के घर या अकेले रहने वाली जगहों से आगे बढ़कर, सुरक्षित निवेश करने, लगातार आमदनी का जरिया बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति बनाने के इरादे के भी घर खरीद रहे हैं। इसलिए उन्हें हाईराइज सोसाइटी पसंद आ रही है। हाईराइज सोसाइटी में उन्हें बेहतर लाइफस्टाइल मिल रही है।
डिलीजेंट बिल्डर्स के सीओओ, अश्वनी नागपाल के अनुसार, युवा, चाहे सिंगल हों या शादीशुदा, वे अपने करियर की शुरुआत से ही एक डिसिप्लिनड फाइनेंशियल सिक्योरिटी अपना रहे है। वह कमाई शुरू होने के साथ अपनी पंसद का घर खरीद रहे हैं। इसे बदलती वित्तीय परिस्थिति, सोची-समझी वित्तीय योजना और बढ़ती महंगाई से जोड़कर देखा जा सकता है। प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने के साथ-साथ यह पैसिव इनकम और आगामी पीढ़ी के लिए संपत्ति का माध्यम भी बन रहा है। इसलिए युवाओं में घर खरीदने की होड़ है।










































