ढोल बाजे और डीजे की धुन पर निकली शोभायात्रा
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर सहित ग्रामीण अंचल में दस दिवसीय गणेशोत्सव पर्व का समापन भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ हुआ। प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की विदाई के लिए दूसरे एवं तीसरे दिन भी नगर में विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों में स्थापित की गई गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धालु गाजे बाजे के साथ विसर्जन स्थलों तक लेकर पहुंचे। इस दौरान पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में नजर आया। गत १४ सितंबर से प्रारंभ हुए दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान नगर एवं क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। दस दिनों तक प्रतिदिन सुबह.शाम आरती,पूजन एवं धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा। गणेशोत्सव के अंतिम चरण में २३ से २५ सितंबर तक अनेक सार्वजनिक समितियों के द्वारा हवन पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद समितियों के द्वारा भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। विसर्जन के लिए निकाली गई शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल, नगाड़े, बैंड एवं डीजे की धुन पर युवक.युवतियां सहित श्रद्धालु उत्साह के साथ झूमते नजर आए। शोभायात्रा के दौरान जगह जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना की। वहीं पूरे मार्ग में गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालु भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को लेकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। इस दौरान कई स्थानों पर भक्तों ने पुष्पवर्षा कर बप्पा को विदाई दी। भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बड़ी नहर पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं की विधि विधान से पूजा अर्चना की और भगवान श्री गणेश से सुख समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण वातावरण में बप्पा को जल में विसर्जित किया। विसर्जन का यह क्रम देर रात तक चलता रहा।










































