Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बुरी खबर सामने आई है। यहां प्रोजेक्ट चीता के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘निर्वा’ के 19 महीने के शावक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शावक की मौत गोली लगने से हुई है। उसकी मौत से मां निर्वा पूरी तरह टूट गई है।श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद निराशाजनक और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां प्रोजेक्ट चीता के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘निर्वा’ के 19 महीने के एक शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, शावक की मौत गोली लगने से हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।
2023 में अफ्रीका से आई थी ‘निर्वा’
मादा चीता ‘निर्वा’ को 18 फरवरी 2023 को भारत में चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। भारत में 1952 में चीतों के विलुप्त घोषित होने के बाद यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।क्वारंटीन और सॉफ्ट-रिलीज एन्क्लोजर में रहने के बाद 28 मई 2023 को ‘निर्वा’ को कूनो के जंगल में खुले में छोड़ दिया गया था, जहां उसने आगे चलकर शावकों को जन्म दिया।पहले भी चर्चा में रही है मादा चीता ‘निर्वा’
मादा चीता ‘निर्वा’ का कूनो के जंगल में सफर आसान नहीं रहा है। वह पहले भी दो बार ट्रैकिंग संकट का सामना कर चुकी है। जुलाई 2023 में उसका रेडियो-ट्रैकिंग सिस्टम फेल हो गया था और 21 जुलाई को सैटेलाइट सिग्नल भी मिलने बंद हो गए थे। इसके बाद वह 22 दिनों तक लापता रही थी, जिसे खोजने के लिए 100 से ज्यादा कर्मचारियों, हाथियों, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन्स की मदद लेनी पड़ी थी।
दो बार हुई गायब तो बदला रेडियो कॉलर
लगभग 50 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चले अभियान के बाद, 12 अगस्त 2023 को कूनो की धोरत रेंज से ‘निर्वा’ को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। छह घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसका खराब कॉलर बदला गया था। इसके बाद अगस्त 2026 में वह फिर से लापता हो गई थी, क्योंकि जून से ही उसका सैटेलाइट कॉलर कमजोर और रुक-रुक कर सिग्नल भेज रहा था और बाद में पूरी तरह बंद हो गया था।हाल ही में हुई थी तलाश
अधिकारियों के अनुसार, अगस्त 2026 में गायब होने के बाद ‘निर्वा’ को पड़ोसी जिले शिवपुरी में 2 सितंबर 2026 को खोजा गया था। 11 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया था और उसका कॉलर बदला गया था। उस समय अधिकारियों ने बताया था कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। बहरहाल, अब उसके शावक की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों की निगरानी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग और संबंधित अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।










































