बालाघाट में पहली बार आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में गूंजा पेंशनरों का हक
डीए, फैमिली पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और आयु के आधार पर पेंशन वृद्धि की मांग
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट।पेंशनरों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। महंगाई के दौर में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे पेंशनरों ने अब सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो वर्ष 2027 में उग्र आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार, 27 अक्टूबर को बालाघाट में पहली बार आयोजित प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मेलन में पेंशनरों की समस्याओं, लंबित मांगों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और पेंशनरों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।नगर के एक निजी लॉन में आयोजित सम्मेलन में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष ओ.पी. बुधौलिया, प्रदेश महामंत्री सुभाषचन्द्र शर्मा सहित प्रांतीय पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन में पेंशनरों ने महंगाई राहत (डीए) का लाभ दिलाने, फैमिली पेंशन से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने, स्वास्थ्य बीमा पर होने वाली कटौती समाप्त करने और अधिक उम्र के पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन देने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाईं। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार घोषणाएं करने के साथ ही उन पर अमल भी सुनिश्चित करे, ताकि पेंशनरों को वास्तविक लाभ मिल सके।
दीपावली से पहले 9 प्रतिशत डीए देने की मांग
सम्मेलन में पेंशनरों की महंगाई राहत का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि पेंशनरों को 9 प्रतिशत डीए का लाभ दीपावली के पूर्व दिया जाए। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलना जरूरी है। लंबे समय से लंबित मांगों पर निर्णय नहीं होने से पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आदेश जारी करने की अपील की।
विधवा और परित्यक्ता बहू को मिले फैमिली पेंशन
पेंशनरों ने विधवा एवं परित्यक्ता बहू को फैमिली पेंशन का लाभ देने की मांग भी उठाई।पदाधिकारियों के अनुसार, सरकार की ओर से इस संबंध में घोषणा की गई है, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं होने से पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाने चाहिए। साथ ही न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का भी पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई।
स्वास्थ्य बीमा की 4 प्रतिशत कटौती समाप्त करने पर जोर
सम्मेलन में पेंशनरों के स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई। संगठन ने स्वास्थ्य बीमा के लिए की जाने वाली 4 प्रतिशत कटौती समाप्त करने की मांग रखी। पदाधिकारियों ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी बढ़ती हैं, ऐसे में पेंशनरों को आर्थिक राहत देने वाले निर्णय जरूरी हैं। इसके साथ ही पेंशनरों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने और उन्हें आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने की मांग भी की गई।
उम्र के साथ बढ़े पेंशन, रखी चरणबद्ध मांग
पेंशनरों ने बढ़ती उम्र के साथ अतिरिक्त पेंशन देने की मांग को भी सम्मेलन में प्रमुखता से उठाया। संगठन के पदाधिकारियों ने 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष की आयु पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष की आयु पर 15 प्रतिशत की दर से पेंशन वृद्धि का लाभ देने की मांग की। उनका कहना था कि वरिष्ठ पेंशनरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उम्र के अनुसार पेंशन में वृद्धि की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।
मांगें नहीं मानीं तो 2027 में आंदोलन
सम्मेलन में पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेंशनरों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं होगा। सरकार को लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू करना चाहिए। यदि मांगों की अनदेखी जारी रहती है तो वर्ष 2027 में उग्र आंदोलन किया जाएगा। सम्मेलन को पेंशनरों की एकजुटता और आगामी संघर्ष की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
वरिष्ठ पेंशनरों का किया सम्मान
प्रांतीय सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ पेंशनरों का सम्मान भी किया गया। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यक्षों, प्रांतीय पदाधिकारियों और जिले भर से पहुंचे पेंशनरों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं उप प्रांताध्यक्ष ए.एल. मोहारे, संभागीय उपाध्यक्ष डॉ. शेरसिंह बिसेन, संरक्षक सुभाष पटेल, रविन्द्र सिंह बैस, उपाध्यक्ष जी.एस. पटले, वरिष्ठ जिला सचिव पी.आर. देशमुख, सचिव अमरसिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष पी.एल. मोहारे, सह कोषाध्यक्ष एवं कार्यालय सचिव सरजू नखाते सहित अन्य पदाधिकारियों और पेंशनरों का सहयोग रहा।










































