मंदिर मेंं हवन पूजन महाआरती विशाल भंडारे भजन संध्या का हुआ आयोजन
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के वार्ड क्रमांक ९ स्थित संत शिरोमणि महर्षि वाल्मीकि मंदिर में संत शिरोमणि महर्षि वाल्मीकि समाज के तत्वावधान में महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पूजा अर्चना हवन.पूजन महाआरती भजन संध्या और विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह से ही मंदिर में पूजा अर्चना के साथ हुआ। महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए वाल्मीकि समाज के स्वजातीय बंधु मंदिर पहुंचे और विधि विधान से पूजन कर सुख समृद्धि एवं समाज की खुशहाली की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही तथा धार्मिक वातावरण के बीच जयंती उत्सव की तैयारियां संपन्न हुईं। इसके बाद दोपहर २ बजे से हवन.पूजन का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजा संपन्न कराई गई। हवन में आहुतियां अर्पित कर श्रद्धालुओं ने भगवान से परिवार समाज और क्षेत्र की सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की। हवन पूजन के पश्चात महाआरती की गई जिसमें उपस्थित समाजबंधुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। इसके बाद मंदिर में भजन कीर्तन का दौर चला और पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शाम को भगवान महर्षि वाल्मीकि की विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें श्रीराम मानस मंडल के सदस्यों ने भगवान श्रीराम, मां जगदंबा सहित अन्य देवी देवताओं की आराधना से जुड़े सुंदर एवं मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। भजन संध्या के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण किया और धर्मलाभ अर्जित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉक्टर योगेंद्र निर्मल, विधायक विवेक पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने उपस्थित होकर महर्षि वाल्मीकि का आशीर्वाद ग्रहण कर नगर सहित क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना की गयी। समाज के सदस्यों ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी महर्षि वाल्मीकि जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर सुबह पूजा अर्चना दोपहर में हवन पूजन शाम को विशेष आरती एवं भजन संध्या और इसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को स्मरण करना और उनके विचारों को समाज के बीच प्रसारित करना रहा। संत शिरोमणि महर्षि वाल्मीकि वाल्मीकि समाज के सर्वोच्च आदर्श पूजनीय गुरु और महान पथप्रदर्शक हैं। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत हैं। महर्षि वाल्मीकि ने अपने व्यक्तित्व, ज्ञान और रचनाओं के माध्यम से मानवता को सदाचार कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श जीवन का संदेश दिया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्म,आचरण और विचारों से होती है। महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात कर समाज में शिक्षाए सद्भाव समानता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है। उनकी जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उनके विचारों और जीवन दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।










































