बालाघाट : बजरंग घाट मे घूमना पड़ेगा महगा

0

लगभग 1 वर्ष से बंद बजरंग हाट में वाहनों का प्रवेश जल्द शुरू हो सकता है लेकिन वाहन लेकर बजरंग घाट तक जाने वाले लोगों को उनका यूं घूमना फिरना महंगा पड़ेगा क्योंकि वन विभाग बजरंग घाट घूमने वाले वाहन चालकों से शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है जिसके लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है जिसकी जल्द ही रेट लिस्ट वन विभाग गेट के पास चस्पा कर दी जाएगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार वनविभाग के इस क्षेत्र को मध्यप्रदेश इको टूरिज्म द्वारा मनोरंजन केन्द्र के रूप में नोटिफाईड किया गया है, अब यहां घूमने आने वाले लोगों पर शुल्क अधिरोपित करने की कार्ययोजना वनविभाग बना रहा है।वनविभाग की मानें तो इस क्षेत्र को मनोरंजन केन्द्र का दर्जा मिला है, जिससे यहां आने वाले लोगो से मनोरंजर कर के रूप में शुल्क लिया जाना है, हालांकि यह शुल्क केवल वाहन से आने वालों पर लागु होगा। जो भी काफी नॉमिनल होगा। ताकि इस राशि को सरकार के खाते में जमा कर इस वन्यक्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए मध्यप्रदेश इको टूरिज्म से आबंटन मिल सके, जिससे इसे और अधिक आकर्षक बनाया जा सके।


पहले लॉकडाउन में वन विभाग ने खोला था रास्ता
आपको बताएं कि पहले लॉकडाउन के बाद, यहां वनविभाग ने गेट लगा दिया था, जो हाल में खोला गया है, जिससे पैदल आने वाले लोग तो आ रहे थे, लेकिन वाहनों का प्रवेश नहीं हो पा रहा था। जिसको लेकर तैराकी संघ के लंबे संघर्ष और निवेदन के बाद वनविभाग ने तैराकी संघ के निवेदन पर गेट को खुलवाया है। हालांकि इस शुल्क से तैराकी संघ और प्रतिदिन यहां सुबह, शाम सैर करने वाले लोगों को बाहर रखा है, केवल तैराकी संघ के सदस्यों को छोडक़र अन्य दुपहिया या अन्य वाहन से आने वाले लोगों से यहां शुल्क लिये जाने की तैयारी की जा रही है, हालांकि यह साफ नहीं है कि शुल्क कब से प्रारंभ किया जायेगा। जिसको लेकर विभागीय तौर से तैयारी किये जाने की जानकारी मिल रही है।


गर्रा गार्डन की तर्ज पर वसूला जाएगा शुल्क
विदित हो कि बालाघाट मुख्यालय से लगे वारासिवनी क्षेत्र के गर्रा में वनस्पतिक उद्यान भी मनोरंजन केन्द्र है, जहां सालों पहले यहां बनाये गये पिंजरो में वन्यप्राणियों के होने के कारण लोग उन्हें यहां देखने काफी संख्या में आते थे, लेकिन शनै: शनै: वन्यप्राणियों को बंधनमुक्त किये जाने के बाद यहां लोगो की आवाजाही कम हो गई है, हालांकि मकर संक्रांत, नये वर्ष और छुट्टियों के दौरान वैनगंगा नदी के किनारे स्थित वनस्पतिक उद्यान में लोग आते है, जहां भी आने वाले लोगों से शुल्क लिया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर बजरंग घाट को भी प्रारंभ करने की योजना है।


धार्मिक स्थल के साथ साथ मनोरंजन के साधनों से भरपुर है बजरंगघाट
जिले के रेंजर कॉलेज के मार्ग से होकर रेलवे क्रार्सिंग से होता मार्ग बजरंग घाट की ओर जाता है, प्राकृतिक सौंन्द्रर्य के बीच अनेक सालो से बजरंग घाट स्थित सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते है, जहां तैराकी संघ द्वारा स्थल को लोगों के घूमने और ठहरने के लिए स्वयं के व्यय से विकसित किया है। जहां ध्यानकक्ष, इंडोर जिम, ओपन जिम, बच्चों के खेलकूद सामग्री, सडक़, पुल-पुलियो का निर्माण के साथ अन्य कार्य किये है। यह क्षेत्र वनाच्छित होने के साथ ही यहां वन्यप्राणियों की बहुलता है, जानकारों की मानें तो चीतल, मोर, जंगली सुअर, खरगोश सहित अन्य वन्यप्राणियों को विचरण करते हुए यहां सुबह-सुबह की सैर करने आने वाले और तैराकी संघ के लोगों ने अपनी आंखो से देखा है, यही नहीं प्राकृतिक रूप से भी यह क्षेत्र पार्क का अहसास करता है। रोजाना ही यहां सैकड़ो लोग आते है। यही नहीं इस वनक्षेत्र में मनका टेकरी भी सिद्ध स्थल है, जहां भी इनके मानने वाले आते है। सबसे खास बात यह है कि कई दशको से यहां तैराकी संघ की गतिविधियां संचालित होती रही है, जिसके चलते बजरंग घाट को पर्यटन के रूप में विकसित करने भी तैराकी संघ ने कई कार्य किये है, पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौधारोपण के साथ ही बजरंग घाट में बजरंग बली और मां दुर्गा के मंदिर के अलावा यहां आने वाले लोगों के बैठने और कुछ समय व्यतित करने के परिसर बनाया गया है, ताकि पावन सलीला वैनगंगा के किनारे पर्यटन की दृष्टि से आने वाले लोग यहां कुछ देर तक ठहरकर प्राकृतिक सौन्द्रर्य और कल-कल करती वैनगंगा का आनंद ले सके।


गंगानगर से खुले भाग को सुरक्षित करने की जरूरत
एक जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्र के गंगानगर के एरिये में कुछ क्षेत्र का भाग इस वनक्षेत्र पर अतिक्रमण किया गया है, जिसकी कई बार शिकायत वनविभाग को तैराकी संघ द्वारा की गई है, तैराकी संघ का मानना है कि यदि यहां फेसिंग कर दी जाती है तो न केवल अतिक्रमण रूकेगा बल्कि खुले भाग से आने वाले जानवरों की भेंट चढऩे वाले पर्यावरण संरक्षण की मंशा से लगाये गये पौधे भी सुरक्षित होंगे। यही नहीं बल्कि एक और दूसरा मार्ग मनरा टेकरी से आता है, जहां से भी आने वाले लोगों को वनविभाग कैसे रोकेगा और यहां शुल्क की व्यवस्था कैसे होगी, यह भी चिंतन का विषय है।


सुविधाओं में विस्तार करने लिया जाएगा नार्मल शुल्क-सनोडिया
इस पूरे मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान सीसीएफ सनोडिया ने बताया कि बजरंग घाट को मनोरंजन केन्द्र के रूप में तीन साल पहले ही नोटिफाईड हो चुका है, अब यहां वाहनों से जाने वालो से शुल्क लिये जाने की योजना बनाई जा रही है, जिसमें दुपहिया और अन्य वाहनों के प्रवेश पर नॉमिनल चार्ज लिया जायेगा। जिसमें प्रात: 6 से 10 और दोपहर 2 से 6 तक ही प्रवेश दिया जायेगा। यहां आने वाले का पूरा रिकॉर्ड होगा। यह राशि शासन को जमा की जायेगी। यहां सुविधाओं का भी विस्तार किया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here