अब हम आपको ऐसी खबर दिखाने जा रहे हैं जिसे सुनकर और खबर देखकर आपको भी थोड़ा आश्चर्य होगा कि जिला मुख्यालय स्थित 1 वार्ड का एक एरिया ऐसा भी है जहां पर जिम्मेदारों की आज तक नजर नहीं पड़ी नतीजा समस्याओं का आलम इस तरह की क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घर उनके रिश्तेदार नहीं आ रहे हैं और ना ही उनके यहां कोई शादी का रिश्ता करना चाहता है यह परेशानी स्वयं यहां की स्थानीय लोगों ने बताई।
आपको बताएं कि यह पूरा मामला शहर के वार्ड नंबर 10 राजनगर का है। यहां समस्याओं का अंबार है यहां लोग नाली नहीं होने के कारण परेशान तो है ही, यहां व्याप्त गंदगी और आवागमन के लिए रास्ता नहीं होने के कारण यहां निवासरत लोग खासे परेशान हैं।
यहां जो नाला था उसको 6 माह पूर्व पक्का नाला बनाया गया जिसके कारण नाले के ऊपर लगे पत्थरों को हटा दिया गया जिसके चलते लोगों को आने जाने के लिए अब कोई रास्ता ही नहीं है। मजबूरन लोगों को नाले की पटरी पर से आवागमन करना पड़ रहा है जो कि खतरे से खाली नहीं है गिरने का डर बना रहता है। कई बार लोग इस नाले में गिर भी चुके हैं आवागमन करने रास्ता नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
इस एरिया को दर्री तालाब वाला क्षेत्र कहा जाता है यहां पहले तालाब हुआ करता था। यहां के जमीन पर धीरे-धीरे लोग बसना शुरू किये और अब यह पुरा घना एरिया हो चुका है।
लोगो के द्वारा बताया जा रहा है कि वे लोग यहां 25 से 30 वर्षों से रह रहे हैं लेकिन यहां सड़क नाली बनाए जाने की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
यहां समस्या इतनी विकराल हो गई है कि नए रिश्ते जुड़ना भी बंद हो गए हैं। यहां के लोगों का मानना है जो लोग रिश्ता देखने आएंगे वह लोग यहां की गंदगी और आने जाने का रास्ता नहीं होना देखकर ही रिश्ता करने से मना कर देंगे। यही कारण है कि वे लोग जहां रिश्ता जुड़ना था उन्हें आने से मना कर दिया गया।
मोबाइल पर चर्चा करने पर नगरपालिका सीएमओ सतीश मटसेनिया ने बताया कि अभी नाली का निर्माण तो नहीं किया जा सकता है लेकिन जहां तक आवागमन करने रास्ते की बात है तो इस समस्या को वे दिखवाएंगे। लोगों की समस्या हल हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा।
अपने सामने दिया तले अंधेरा वाली कहावत कई बार सुनी होगी लेकिन जिला मुख्यालय में जिम्मेदारों की नाक के नीचे यह चरितार्थ होते भी दिखाई दे रही है देखना अब यह है कि रजा नगर को अधिकारियों की रजा कब मिलती है और कब तक इस क्षेत्र का विकास हो पाता है।
पद्मेश 24* 7 के लिए महेंद्र सिंह उईके के साथ महेंद्र रामटेके की रिपोर्ट










































