उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित भगवान शिव को समर्पित केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के मौके पर ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित एक धार्मिक समारोह में, मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर की उपस्थिति में पंचांग गणना के पश्चात केदारनाथ धाम के कपाट खुलने का मुहूर्त निकाला गया। गणना के पश्चात तय हुआ कि बाबा केदार धाम के कपाट 6 मई को वृश्चिक लग्न में प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर खोले जाएंगे। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खोले जाएंगे।
मुहूर्त निकाले जाने के अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, केदारनाथ के निवर्तमान विधायक मनोज रावत, उखीमठ के उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित धार्मिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। आपको बता दें कि सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड की वजह से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सभी चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल दोबारा अप्रैल-मई में खोले जाते हैं।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी भगवान केदारनाथ के कपाट खोलने के साथ-साथ पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के ऊखीमठ से कैलाश रवाना होने की तिथि भी तय की गई। बाबा केदारनाथ की डोली 2 मई को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना हो जाएगी। इससे पहले 1 मई को भगवान भैरवनाथ का पूजन किया जायेगा और 2 मई को बाबा केदार की डोली को सभामंडप पर लाने के बाद डोली धाम के लिए रवाना हो जाएगी। डोली पहला रात्रि प्रवास गुप्तकाशी में करेगी। 3 मई को डोली रामपुर में रात्रि प्रवास के बाद गौरीकुण्ड के लिए रवाना होगी। 5 मई को बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली धाम के लिए रवाना होगी और अगले दिन यानी 6 मई को बाबा केदारनाथ के कपाट खोल दिये जायेंगे।








































