प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की बात कहने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता राजा पटेरिया 80 दिन बाद जमानत मिल गई है। शुक्रवार शाम जेल से बाहर निकलने के बाद पटेरिया काफी खुश नजर आए। उन्होंने इस दौरान जेल को शोध विश्वविद्यालय कहा। बता दें, राजा पटेरिया को जबलपुर हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को जमानत दे दी थी, 4 दिन का समय कागजी कार्रवाई में लग गया।
पटेरिया ने कहा कि देश 3 हजार साल तक जाति की वजह से गुलाम रहा है, लेकिन जेल में कोई जाति भेदभाव नहीं है। जेल में सब एक साथ खाना खाते हैं। जिंदगी के ढाई महीने शोध संस्थान के थे। जेल हमारे लिए महात्मा गांधी शोध विश्वविद्यालय है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को धन्यवाद कि आपने मुझे जेल भिजवाया। इस देश को जाति ने खाया है। जेल के अंदर कोई जात-पात भेदभाव नहीं है। हिन्दू, मुस्लिम, शूद्र, ब्राह्मण, क्षत्रिय सब एक जगह खाना पकाते और एक साथ खाते हैं। जेल में हिंदू और मुसलमान का कोई झगड़ा नहीं है। मेरे लिए यह सबसे शानदार जगह है।
कागजी कार्रवाई में लगा समय- जेलर
पवई जेलर एमपी मिश्रा ने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट से जमानत याचिका मंजूर होने के बाद जमानत स्वीकृति का आदेश ट्रायल कोर्ट पहुंचा। उसके बाद वहां से जब जमानत भर कर जेल आदेश आया, तो हमने संबंधित सभी दस्तावेज की जांच की। उसी के बाद ही रिहाई हुई है, इसलिए 4 दिन का समय लग गया।
अब जान लेते हैं पटेरिया को क्यों जाना पड़ा था जेल…
11 दिसंबर 2022 को राजा पटेरिया पन्ना जिले के मंडलम में कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था, मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा। मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का, आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधान अगर बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो। हत्या इन द सेंस …हराने के लिए तैयार रहो।’










































