विद्वान सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत में आरोपी इमरत लाल टेम्भरे 52 वर्ष को बेटे की हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास और 2000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया ।यह घटना पिछले वर्ष 18 मार्च होली के दिन ग्रामीण थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम भमोड़ी में हुई थी।जहां पर इमरत लाल टेम्भरे ने अपने बेटे गणेश टेम्भरे 39 वर्ष की शराब पीकर लड़ाई झगड़ा करता है कहकर लकड़ी से मार मार कर उसकी हत्या कर दी थी।
अभियोजन के अनुसार पिछले वर्ष 18 मार्च 2022 को 4:30 बजे दिन में गणेश टेम्भरे बस्ती होली का त्यौहार मनाकर गघर आया और घर के हाल में जमीन पर लेट गया था और नशे में कुछ गड़बड़ आ रहा था।उसी समय उसका पिता इमरत लाल टेम्भरे हाथ में आम की लकड़ी लेकर आया और बेटे गणेश को गाली गुप्ता करते हुए बोला कि दारु पी कर आता है और लड़ाई झगड़ा करते रहता है कह कर लकड़ी से मारपीट करने लगा ।इस दौरान इमरतलाल टेम्भरे ने गणेश को हाल से घसीटते हुए आंगन में ले गया ।लकड़ी से मारपीट करते रहा। इसी दौरान गणेश की पत्नी शशि कला, मां निर्मला, भाभी मीना,, लड़की प्राची और लड़का कृष्णा आए और इमरत लाल को बोले कि मत मारो उसके बाद भी इमरत लाल बोलने लगा कि हमेशा दारू पीकर घर आता है और उपद्रव करता हैऔर वह गणेश को जान से खत्म कर देता हूं बोलकर लकड़ी मारपीट करने लगा और इमरतलाल ने परिवार वालों को धमकाया यदि तुम उसके पास आओगे तो तुम्हें भी मार दूंगा जिससे परिवार के लोग डर गए थे। इमरत लाल द्वारा आम की लकड़ी से गणेश को लगातार मारने से उसकी मौत हो गई । 108 एंबुलेंस से गणेश को जिला अस्पताल लायेजहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में ग्रामीण थाना प्रभारी प्रदीप खन्ना ने गणेश की हत्या करने के आरोप में उसके पिता इमरतलाल टेम्भरे के विरुद्ध धारा 302 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर इस अपराध में उसे गिरफ्तार किया और विवेचना अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र विद्वान अदालत में पेश किया गया था। विद्वान सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत में चलते इस मामले में अभियोजन पक्ष आरोपी इमरत लाल के विरुद्धआरोपित अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। जिसके परिणाम स्वरूप विद्वान अदालत ने प्रकरण के तथ्य, परिस्थितियों एवं अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी इमरतलाल टेम्भरे को धारा 302 भादवी के तहत अपराध में दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किये। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता एमएम द्विवेदी द्वारा की गई थी।










































