Chirag Paswan on Imran Khan: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं और उन्हें SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए था। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि SIR के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हैं और इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है।
इमरान खान को जारी किया गया लीव इंडिया नोटिस
दरअसल, इमरान खान को हाल ही में “leave India” नोटिस जारी किया गया है। वह OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड धारक हैं और उन पर Foreigners’ Act के उल्लंघन का आरोप लगा है। यह नोटिस उन्हें मुंबई में हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिन बाद मिला है, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
इमरान खान के पास है अमेरिकी नागरिकता
इस मुद्दे पर सवालों का जवाब देते हुए हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने कहा, “मैं एक्टर और उनके काम को पसंद करता हूं। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए था कि इतने लंबे समय तक देश में काम करने भर से वह भारतीय नागरिक नहीं बन जाते। अगर नागरिक यहां विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हैं, तो मैं उसका सम्मान करता हूं। लेकिन जब विदेशी नागरिक ऐसा करते हैं तो यह चिंता का विषय है। केंद्र सरकार के हिस्से के तौर पर, मैं देश में अराजकता पैदा करने के प्रयासों को लेकर चिंतित हूं, जिसे विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त है।” बता दें कि इमरान खान सुपरस्टार आमिर खान के भतीजे हैं। उनका जन्म अमेरिका में हुआ है और वह अमेरिकी नागरिकता रखते हैं, हालांकि उनकी परवरिश भारत में हुई है और वह एक दशक से अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।
कोलकाता हादसे पर जताया दुख
चिराग पासवान ने इस दौरान कोलकाता हादसे पर भी बात की। उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में 19 लोगों की मौत पर दुख जताया।उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए कहा कि शाह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कोलकाता में अपने सभी तय कार्यक्रम रद्द कर दिए। वहीं, उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की जो गोवा में अपने राजनीतिक कार्यक्रमों पर आगे बढ़ रहे हैं, जहां कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पासवान ने कहा, “यह प्राथमिकताओं में अंतर दिखाता है। एक तरफ हमारे गृह मंत्री हैं जो एक त्रासदी के प्रति संवेदनशील हैं, और दूसरी तरफ विपक्ष है जिसके लिए राजनीति से ज्यादा कुछ भी मायने नहीं रखता।”






































