दुर्गा विसर्जन की तैयारियों में जुटी नपा, बड़े प्रतिमाओं के लिए क्रेन तो छोटी प्रतिमाओं के लिए विसर्जन कुंड की व्यवस्था,

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नपाध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश, देवी और मोती तालाब में विसर्जन पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए नगर पालिका परिषद बालाघाट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार, 17 अक्टूबर को नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने नपा कार्यालय में स्वास्थ्य, जलप्रदाय और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सफाई मित्रों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अंतिम दिनों में हवन-पूजन, भंडारा और महाप्रसाद सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। ऐसे में संबंधित विभाग पूरी तत्परता और जिम्मेदारी से काम करें, ताकि दुर्गा उत्सव समितियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक में दशहरा चल समारोह और उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में होने वाले रावण दहन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके बाद नपाध्यक्ष ने विभिन्न विसर्जन स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

बैठक में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और धार्मिक आयोजनों के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। नपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भंडारा स्थलों और दुर्गा पंडालों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। आयोजन स्थलों पर कचरा जमा न हो और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए सफाई मित्रों की जिम्मेदारी तय कर सतत निगरानी की जाए। वहीं जलप्रदाय विभाग को आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान पेयजल की कमी न हो। बैठक में नपा उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, स्वास्थ्य सभापति संगीता खगेश कावरे, जल कार्य सभापति समीर जायसवाल, मनोनीत पार्षद विशाल मंगलानी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सूर्यप्रकाश उके सहित विभागीय प्रभारी, सुपरवाइजर और सफाई मित्र उपस्थित रहे। विभागीय बैठक के बाद नपाध्यक्ष भारती ठाकुर ने गायखुरी, महामृत्युंजय घाट और वैनगंगा नदी के छोटे पुल के नीचे बनाए गए विसर्जन कुंड सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिमा विसर्जन के लिए की जा रही तैयारियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। नपाध्यक्ष ने बताया कि बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका द्वारा क्रेन की व्यवस्था की जाएगी, जबकि छोटी प्रतिमाओं और निर्माल्य सामग्री के विसर्जन के लिए निर्धारित कुंड का उपयोग किया जाएगा। प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित तीन दिनों की अवधि में कराया जाएगा, ताकि व्यवस्थाएं व्यवस्थित बनी रहें और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। नपाध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष वैनगंगा नदी का जलस्तर कम है। ऐसी स्थिति में नदी के बीच से विसर्जन स्थल तक पानी उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलस्तर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया जाए। प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालु निर्धारित स्थानों पर सुरक्षित तरीके से धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर सकें।

देवी और मोती तालाब में प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित

निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के पालन में शहर के देवी तालाब और मोती तालाब में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। इन जलस्रोतों में पूजन सामग्री, पॉलिथिन और अन्य अपशिष्ट डालने पर भी रोक रहेगी। नपाध्यक्ष भारती ठाकुर ने नागरिकों से अपील की कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के साथ जलस्रोतों के संरक्षण में भी सहयोग करें। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं और दुर्गा उत्सव समितियों से निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करने का आग्रह किया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सूर्यप्रकाश उके ने बताया कि देवी तालाब और मोती तालाब में प्रतिमाओं का विसर्जन करने अथवा पूजन सामग्री सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं प्रवाहित करने पर जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका ने दुर्गा उत्सव समितियों और नागरिकों से अपील की है कि विसर्जन संबंधी निर्देशों का पालन करें और निर्धारित स्थलों पर ही प्रतिमाओं एवं पूजन सामग्री का विसर्जन करें, ताकि धार्मिक आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न होने के साथ ही शहर के जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके।

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