९० साल पुरानी परंपरा से लेकर भव्य आयोजनों तक वारासिवनी के नवरात्र की अलग पहचान
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर सहित पूरे क्षेत्र में नौ शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नगर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडालों का निर्माण कर मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाएं विराजित की गई हैं। रंग बिरंगी रोशनी से सजे मातारानी के दरबारों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं भजन कीर्तन, गरबा और अन्य धार्मिक सांस्कृतिक आयोजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। खास बात यह है कि वारासिवनी का नवरात्र उत्सव जिले में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की प्राचीन धार्मिक परंपराएं और दुर्गा उत्सव समितियों के भव्य आयोजन आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं। नगर ही नहीं,बल्कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए वारासिवनी पहुंच रहे हैं।
सिविल क्लब में जगन्नाथ पुरी मंदिर की थीम पर सजा दरबार
नवदुर्गा उत्सव समिति सिविल क्लब वारासिवनी इस वर्ष अपना २३ वां दुर्गा उत्सव मना रही है। समिति के द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी भव्य पंडाल तैयार किया गया है। विशेष आकर्षण उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की थीम पर निर्मित दरबार है। पंडाल के प्रवेश द्वार पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजित की गई हैं, जबकि भीतर मां राजराजेश्वरी की स्थापना कर विधि.विधान से आराधना की जा रही है। महाकौशल और महाराष्ट्र में अपने भव्य आयोजनों के लिए पहचान रखने वाली इस समिति के द्वारा नौ दिनों तक विशाल गरबा आयोजित किया जा रहा है। इसमें डीजे ऋषभ, डीजे ऐश और ढोल की धुनों पर कलाकारों द्वारा लाइव गरबा प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और गरबा प्रेमियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समिति द्वारा शरद पूर्णिमा के अवसर पर २५ अक्टूबर को लक्की कूपन ड्रॉ का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसमें हिंदी फिल्म गायक विनोद राठौड़, गायक अब्दुल शेख और चांदनी मुखर्जी शामिल होकर गीतों की प्रस्तुति देंगे।
सम्राट नगर में डिज्नीलैंड की थीम बना आकर्षण पंडाल
नगर के डॉ.आंबेडकर मंगल भवन परिसर में सम्राट नगर दुर्गा उत्सव समिति द्वारा ३७ वें वर्ष में मां भगवती की आराधना की जा रही है। इस अवसर पर समिति ने डिज्नीलैंड की थीम पर विशाल पंडाल का निर्माण कराया है। आकर्षक साज सज्जा और रंग बिरंगी लाइटिंग के कारण पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां माता रानी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। समिति के द्वारा प्रतिवर्ष की तरह गरबा आयोजन भी किया जा रहा है जिसमें नगरवासियों के साथ वार्ड के लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
गुरुनानक धर्मशाला में २७ वां दुर्गा उत्सव
लालबर्रा रोड़ स्थित गुरुनानक धर्मशाला में गुरुनानक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा ११ अक्टूबर से मां भगवती की प्रतिमा स्थापित कर नवरात्र पर्व मनाया जा रहा है। समिति का यह २७ वां वर्ष बताया जा रहा है। पंडाल में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जा रही है। सिंह पर विराजित माता रानी की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं और परिवार की सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
अनाजगंज की प्राचीन परंपरा आज भी कायम
वारासिवनी के अनाजगंज स्थित दुर्गा उत्सव समिति नगर ही नही, बल्कि क्षेत्र की सबसे पुरानी समितियों में शामिल है। यहां मां दुर्गा की स्थापना की परंपरा को ९० वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, हालांकि स्थापना के वर्ष की सटीक गणना उपलब्ध नहीं है। इस समिति से जुड़ी पुरानी जन शक्तियां आज भी नगर की धार्मिक विरासत को दर्शाती हैं। बताया जाता है कि एक समय वारासिवनी में अनाजगंज ही ऐसा स्थान था जहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती थी। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बैलगाडियों में सवार होकर माता के दर्शन और नवरात्र उत्सव देखने पहुंचते थे। समय के साथ नगर में अनेक दुर्गा उत्सव समितियां गठित हुईं लेकिन अनाजगंज की परंपरा निरंतर जारी है। इस वर्ष यहां मां दुर्गा की आदमकद प्रतिमा सिंह के साथ स्थापित की गई है। प्रतिदिन शाम को गरबा आयोजित हो रहा है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता की आराधना कर रहे हैं।
गांधी चौक में ४५वें वर्ष मनाया जा रहा उत्सव
नगर के गांधी चौक में जय जन जागृति दुर्गा उत्सव समिति द्वारा ४५ वें वर्ष मां भगवती की स्थापना की गई है। यहां आकर्षक पंडाल में सिंह पर विराजित मां जगत जननी की प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडाल को आकर्षक रोशनी और साज सज्जा से सजाया गया है। समिति के द्वारा सुबह और शाम माता रानी की आरती की जा रही है। वहीं रात्रि में आरती के उपरांत भंडारे का वितरण किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु उत्साह पूर्वक शामिल होकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
भाजी मंडी में ८२वें वर्ष भी परंपरा बरकरार
नगर की पुरानी भाजी मंडी स्थित श्री नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति भी लंबे समय से नवरात्र पर्व की परंपरा को संजोए हुए है। समिति इस वर्ष अपना ८२ वां दुर्गा उत्सव मना रही है। बताया जाता है कि अनाजगंज के बाद यहां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना प्रारंभ हुई थी। पुराने समय में आसपास के क्षेत्रों से लोग बैलगाडियों में सवार होकर यहां नवरात्र उत्सव देखने आते थे। उस दौर में माता रानी के नौ दिनों में नौ अलग.अलग श्रृंगार किए जाने की परंपरा भी विशेष आकर्षण हुआ करती थी। इस वर्ष समिति के द्वारा मां भगवती के साथ भगवान भोलेनाथ और भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पंडाल को महल का स्वरूप दिया गया है, जबकि बाहरी साज सज्जा आदियोगी की थीम पर की गई है। यहां प्रतिदिन शाम को गरबा आयोजित किया जा रहा है जिसमें श्रद्धालु उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।
आस्थाए परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का संगम बना वारासिवनी
वारासिवनी में नवरात्र पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है बल्कि यह नगर की ऐतिहासिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक भी है। अलग.अलग थीम पर तैयार किए गए भव्य पंडाल, प्राचीन दुर्गा उत्सव समितियों की निरंतर परंपरा और गरबा सहित विविध आयोजनों ने पर्व की रौनक बढ़ा दी है। पीढियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताओं के बीच नगर में नवरात्र उत्सव का उत्साह देखते ही बन रहा है। माता रानी के जयकारों से गूंजते पंडालों में श्रद्धालु दर्शन पूजन कर रहे हैं, वहीं समितियों के आयोजन वारासिवनी की विशिष्ट धार्मिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बने हुए हैं।










































