CWG 2030 की आयोजन समिति में होगी राहुल द्रविड़ और साइना नेहवाल की एंट्री, जानिए क्या होगी भूमिका

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अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों की प्रस्तावित आयोजन समिति में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और दुनिया की पूर्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने का फैसला किया गया है।नई दिल्ली: अहमदाबाद में 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की प्रस्तावित आयोजन समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ और ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने का फैसला किया गया है। इस आयोजन समिति की अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री हर्ष सांघवी कर सकते हैं। समिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का भी प्रतिनिधित्व होगा जिसके चुनाव दिसंबर में होने हैं। इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेल संघ के प्रतिनिधि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह भी समिति का हिस्सा होंगे।

द्रविड़, साइना सहित इन नामों की हुई है सिफारिश

खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया,’हां, राहुल द्रविड़ और साइना नेहवाल को प्रस्तावित आयोजन समिति के लिए नामित किया गया है। निजी क्षेत्र से जिनल मेहता और अनन्या बिरला के नामों की सिफारिश की गई है।’ लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना खेल से संन्यास लेने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य बन गई थीं। वहीं, क्रिकेट से संन्यास के बाद द्रविड़ ने कोच की भूमिका निभाई और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। जिनल मेहता और अनन्या बिरला दोनों का आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ाव है। टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के प्रमुख मेहता गुजरात टाइटंस के चेयरमैन हैं जबकि अनन्या बिरला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मालिकाना हक वाली कंपनी के समूह से जुड़ी हैं।

समिति में हो सकते हैं इतने सदस्य

वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति में कुल 12 से 15 सदस्य होने की उम्मीद है। अहमदाबाद को नवंबर 2025 में इन खेलों की मेजबानी मिलने के बाद इस साल की शुरुआत में ही समिति का गठन किया जाना था। इस साल ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन धन की कमी के कारण सीमित स्तर पर किया गया था। हालांकि, अहमदाबाद में होने वाले 2030 के खेलों को भव्य रूप देने की तैयारी है। भारत की योजना इन खेलों में 15 से 17 खेलों को शामिल करने की है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेल शामिल थे। इसमें हॉकी, कुश्ती और क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों को जगह नहीं मिली थी। अहमदाबाद खेलों की आयोजन समिति एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में गठित की जाएगी। यही मॉडल 2006 में मेलबर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में अपनाया गया था। दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भी इसी मॉडल की सिफारिश की थी।आयोजन पर होगा कितना खर्च?

अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों के संचालन पर करीब 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। खेल मंत्रालय ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि गुजरात सरकार की मांग के अनुसार जारी की जाएगी। हालांकि इस अनुमान में अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाला पूंजीगत खर्च शामिल नहीं है। इनमें से कुछ परियोजनाओं की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग संभाल रहा है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर होने वाले खर्च को खेलों के बजट में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल खेलों के बाद भी किया जा सकेगा।

मेलबर्न 2006 मॉडल पर होगा समिति का गठन

मेलबर्न में 2006 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों को अब तक के सबसे सफल आयोजनों में से एक माना जाता है। आयोजन की व्यवस्था और आम लोगों की भागीदारी के लिए इसकी सराहना की गई थी। आयोजन समिति में अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और राष्ट्रमंडल खेलों की संचालन संस्था ’कॉमनवेल्थ स्पोर्ट’ के प्रतिनिधि भी होंगे।

2010 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप

वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की अध्यक्षता तत्कालीन आईओए प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने की थी। उस समिति का पंजीकरण एक सोसायटी के रूप में हुआ था। खेलों के आयोजन और प्रबंधन को लेकर समिति को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेल अक्टूबर महीने में आयोजित होने की उम्मीद है।

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