देश में रसोई गैस का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) के बाद अब देश की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी भारत गैस (Bharat Gas) ने भी अपने ग्राहकों के लिए एक बेहद खास और लोकप्रिय सर्विस को अनिवार्य रूप से दोबारा शुरू कर दिया है। पिछले कुछ समय से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और उसकी डिलीवरी को लेकर ग्राहकों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए कंपनियों ने अब नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और चोरी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं को समय पर और सही तरीके से उनके हक का सिलेंडर मिल सकेगा। आइए जानते हैं कि भारत गैस की यह नई सर्विस क्या है और इससे आम जनता को किस तरह फायदा होने वाला है।
डिलीवरी कैसे मिलेगी?
दरअसल, हम जिस सर्विस की बात कर रहे हैं वह है डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी व्यवस्था। इस नए नियम के मुताबिक, अब जब भी आप अपने घर के लिए भारत गैस का नया एलपीजी सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक चार अंकों का यूनिक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर पर सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो आपको वह ओटीपी उसे बताना होगा। डिलीवरी बॉय अपने मोबाइल ऐप में उस ओटीपी को दर्ज करेगा और कोड मैच होने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। पहले यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर कुछ बड़े शहरों में शुरू की गई थी, लेकिन अब एचपी के बाद भारत गैस ने भी इसे अपने सभी ग्राहकों के लिए पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
फिर शुरू हुई ये सर्विस
इस सर्विस को दोबारा बड़े स्तर पर शुरू करने के पीछे सबसे बड़ी वजह गैस सिलेंडरों की होने वाली चोरी और कमर्शियल इस्तेमाल को रोकना है। अक्सर ऐसी शिकायतें आती थीं कि डीलरशिप के स्तर पर या डिलीवरी के दौरान घरेलू कोटे के सिलेंडर को ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था, और असली ग्राहक को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार ग्राहकों के नाम पर सिलेंडर बुक तो हो जाता था, लेकिन उनके घर तक पहुंचता ही नहीं था। अब नई ओटीपी व्यवस्था लागू होने से ऐसी धोखाधड़ी पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। जब तक असली ग्राहक अपने मोबाइल पर आया कोड डिलीवरी बॉय को नहीं देगा, तब तक सिस्टम में डिलीवरी दिखाई ही नहीं जा सकती। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कंपनियों के पास हर एक सिलेंडर का सटीक डेटा मौजूद रहेगा।










































