UPI ने पूरे किए 10 साल, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 13,000 गुना उछाल, पेमेंट वैल्यू 4,000 गुना बढ़ी

0

UPI के 10 साल पूरे होने के साथ भारत ने डिजिटल पेमेंट और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। 13,000 गुना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और 4,000 गुना से ज्यादा पेमेंट वैल्यू की वृद्धि इस बात को दिखाती है कि पिछले एक दशक में देश में डिजिटल भुगतान किस तेजी से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना हैभारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बदलने वाला यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज अपनी शुरुआत के 10 साल पूरे कर चुका है। UPI को 25 अगस्त 2016 को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने लॉन्च किया था। इन 10 वर्षों में UPI भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की रीढ़ बनकर उभरा है और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में भी इसकी अहम भूमिका रही है।

10 साल में 13,000 गुना बढ़ा ट्रांजैक्शन वॉल्यूम

वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI के जरिए होने वाले सालाना ट्रांजैक्शन में पिछले एक दशक में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए 1.78 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर पहुंच गया। इस तरह 10 वर्षों में UPI के सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में करीब 13,000 गुना की वृद्धि हुई है।

पेमेंट वैल्यू में 4,000 गुना से ज्यादा इजाफा

सिर्फ ट्रांजैक्शन की संख्या ही नहीं, बल्कि UPI के जरिए होने वाले भुगतान की कुल वैल्यू में भी भारी उछाल आया है। वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए करीब 0.07 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन हुए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 314 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी एक दशक में UPI ट्रांजैक्शन की वैल्यू में 4,000 गुना से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है।11 देशों में पहुंचा UPI

UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वर्तमान में यह 11 देशों में ऑपरेशनल है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के सबसे सफल स्तंभों में से एक बन चुका है। यह इंटरऑपरेबल और रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए यूजर्स एक ही एप्लिकेशन से व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान कर सकते हैं।

करोड़ों लोगों की पहली पसंद बना डिजिटल पेमेंट

आज UPI देश के लाखों-करोड़ों लोगों के लिए भुगतान का पसंदीदा माध्यम बन चुका है। इसने डिजिटल और वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने में मदद की है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों और आम यूजर्स तक, UPI ने देश में पैसे भेजने और भुगतान करने के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI ने डिजिटल डिवाइड को कम करने के साथ वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाया है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों और समुदायों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मिली है और व्यापक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा मिला है।

IMF ने भी माना UPI का दबदबा

UPI की तेज, भरोसेमंद और इंटरऑपरेबल भुगतान प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने UPI को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here