गड्ढों और दलदल के कारण ग्रामीणों ने बंद किया आवागमन
पद्मेश न्यूज।वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोस्ते से सालईटोला मंगेझरी मार्ग अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। लगभग ४ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि ग्रामीणों के लिए इस पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। सडक़ की खस्ताहाली से परेशान होकर अब ग्रामीणों ने इस मुख्य रास्ते का उपयोग करना ही बंद कर दिया है। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में ५ किलोमीटर से अधिक का फेरा लगाकर मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
चुनाव बहिष्कार के समय मिला था झूठा आश्वासन
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछली विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण की मांग को लेकर सडक़ नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया था। उस समय प्रशासनिक अमले और शासन के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मान मनोव्वल की थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होते ही सडक़ का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परंतु ३ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सडक़ का निर्माण तो दूर जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा गड्ढों की मरम्मत तक नहीं कराई गई। मंगेझरी और सालईटोला के ग्रामीणों व विद्यार्थियों के लिए कोस्ते होकर मुख्यालय पहुंचने का यह सबसे छोटा और सुगम मार्ग था। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण अपनी दैनिक आवश्यकताओं और छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के लिए इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। वर्तमान में बारिश के मौसम के कारण यह सडक़ कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है और जगह.जगह बड़े.बड़े गड्ढे बन गए हैं। मार्ग की दयनीय स्थिति के कारण विद्यार्थी सप्ताह में केवल दो.तीन दिन ही स्कूल पहुंच पा रहे हैं जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सडक़ से नुकीले गिट्टी.पत्थर बाहर निकल आए हैं। पहले साइकिल और बाइक सवार रोजाना फि सलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रही थी अब यह जा भी नहीं पा रही हैं। ऐसे में विद्यार्थी भी सप्ताह में दो.तीन बार ही अपने स्कूल पहुंच पा रहे हैं, वहीं ग्रामीणजन अत्यंत जरूरत होने पर मुख्यालय आ रहे हैं वह भी दूसरे मार्ग का उपयोग कर यहां आवागमन कर रहे हैं। जिससे उन्हें करीब ५ किलोमीटर से अधिक का फेरा काट कर आना पड़ रहा है जो ग्राम के लोगों के लिए काफी पीड़ा दायक साबित हो रहा है। आश्वासन के बाद भी काम शुरू ना होने से ग्रामीणों में शासन और प्रशासन के खिलाफ भारी जनाक्रोश व्यापत है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस नारकीय स्थिति से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाई जाए। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि प्रशासन त्वरित संज्ञान लेते हुए सडक़ का नया निर्माण कार्य स्वीकृत करें अथवा तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाए।










































