नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सिर्फ तेल संकट ही पैदा नहीं किया, बल्कि एलपीजी गैस की परेशानी भी हुई है। आपूर्ति बाधाओं के कारण वैश्विक स्तर पर एलएनजी (LNG) की कीमतें तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। अप्रैल 2026 में स्पॉट एलएनजी की कीमतें 17 से 18 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक बढ़ गई हैं, जो पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले 10 से 11 डॉलर के स्तर पर थीं। बीच में कीमतों ने 22 डॉलर का स्तर भी छुआ था।
इस मूल्य वृद्धि और आपूर्ति में कमी का सीधा असर भारत की गैस खपत पर पड़ा है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक मार्च महीने में सालाना आधार पर गैस की मांग में 15% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं महीने-दर-महीने के आधार पर मांग में 20% की गिरावट आई है। एलएनजी आयात में भी 34% की गिरावट दर्ज हुई, जो घटकर 68 mmscmd रह गया। वहीं घरेलू उत्पादन लगभग 88 mmscmd पर स्थिर बना रहा।
इन 3 कारणों से बिगड़े हालात
1. कतर से आपूर्ति ठप
कतर से होने वाला गैस निर्यात, जो पहले लगभग 8 मिलियन टन प्रति माह था, अप्रैल में गिरकर मात्र 0.46 मिलियन टन रह गया है। कतर के दीर्घकालिक अनुबंधों पर ‘फोर्स मैज्योर’ (अनिवार्य बाधा) लागू होने से वैश्विक बाजार में हर महीने 6 से 8 मिलियन टन की कमी पैदा हो गई है।
2. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव
होर्मुज स्ट्रेट ईंधन सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान युद्ध के कारण यहां से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे कॉन्ट्रैक्ट और स्पॉट दोनों तरह के जहाजों की उपलब्धता सीमित हो गई है।
3. यूरोप में संकट
यूरोप का गैस भंडार 32% के निचले स्तर पर है, जिससे सर्दियों के लिए स्टॉक जमा करने की होड़ मची है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।
भारत पर बड़ा असर
- आपूर्ति के संकट को देखते हुए भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 लागू किया है।
- इसके तहत सिटी गैस ड्रिस्ट्रिब्यूशन (CGD) सेक्टर को प्राथमिकता देते हुए पूरी गैस आपूर्ति दी गई, जिससे इसकी मांग में केवल 5% की गिरावट आई।
- इसके अलावा उर्वरक में 30%, रिफाइनिंग में 40% और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में 56% की भारी कटौती की गई।
क्या घरेलू गैस होगी महंगी?
देश में LPG संकट को देखते हुए घरेलू गैस के महंगे होने की चर्चा है। सरकार ने हाल में कमर्शियल सिलेंडर पर 993 रुपये बढ़ाए हैं। इससे आम लोगों की जेब का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में लोगों में डर है कि अब कहीं सरकार घरेलू सिलेंडर पर भी दाम ना बढ़ा दे। हालांकि सरकार ने फिलहाल गैस दाम में बढ़ोतरी से इनकार किया है।










































