Goa Water Metro : केंद्र सरकार ने गोवा के समुद्री और जल परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की बड़ी योजना (Goa maritime project) की घोषणा की है। इस योजना के तहत सबसे अहम प्रस्तावों में एक “वॉटर मेट्रो” प्रणाली शुरू करना भी शामिल है। इस बात की घोषणा केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा में नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स भवन के उद्घाटन के दौरान की। इस कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे। सरकार का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य गोवा के समुद्री क्षेत्र को आधुनिक बनाना, जल परिवहन को बढ़ावा देना और सड़क यातायात के विकल्प के रूप में पानी आधारित सार्वजनिक परिवहन को विकसित करना है।
क्या है वॉटर मेट्रो सिस्टम?
वॉटर मेट्रो एक आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है जिसमें नदियों, खाड़ियों और समुद्री जलमार्गों पर चलने वाली तेज, नियमित और सुविधाजनक फेरी सेवाएं शामिल होती हैं। यह सामान्य नाव या फेरी सेवा से अलग होती है क्योंकि इसमें समयबद्ध संचालन, आधुनिक टर्मिनल, डिजिटल टिकटिंग सिस्टम और सड़क व रेल नेटवर्क से जुड़ाव जैसी सुविधाएं होती हैं। इसका उद्देश्य शहरों में यातायात का दबाव कम करना और लोगों को एक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा विकल्प देना है। भारत में इसका सबसे प्रमुख उदाहरण केरल का कोच्चि वॉटर मेट्रो है, जिसे सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इस मॉडल ने दिखाया है कि पानी आधारित परिवहन शहरी भीड़ को कम करने में मदद कर सकता है।










































