सालिकराम मेश्राम बने जिला अध्यक्ष, विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय,
कम मानदेय और खराब गुणवत्ता की वर्दी को लेकर जल्द आंदोलन की तैयारी,
मध्यप्रदेश ग्राम रक्षक, कोटवार एवं चौकीदार संघ जिला शाखा बालाघाट की कार्यकारिणी का पुनर्गठन मंगलवार, 6 अक्टूबर को कमला नेहरू भवन, बालाघाट में किया गया। कार्यक्रम पूर्व अध्यक्ष इलेब्खर डोंगरे के मुख्य आतिथ्य तथा प्रभारी अध्यक्ष सालिकराम मेश्राम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इसमें जिले की विभिन्न तहसीलों से बड़ी संख्या में कोटवार, ग्राम रक्षक एवं चौकीदार शामिल हुए। बैठक के दौरान संघ की आगामी गतिविधियों और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से जिला शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में सालिकराम मेश्राम को जिला अध्यक्ष चुना गया। वहीं भगवानदास खोब्रागड़े एवं आशाबाई मेश्राम को उपाध्यक्ष, राजेन्द्र भावाधरे को महासचिव तथा राजेन्द्र उके को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। दिमाक उके को सहसचिव, विजय बोम्बर्डे को कोषाध्यक्ष, महेन्द्र गेडाम को संगठन मंत्री, बसेल मड़ामे को प्रचार मंत्री तथा संतोष बारमाटे को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इसके अलावा आनंदराम टेमके को वरिष्ठ सदस्य की जिम्मेदारी दी गई। विभिन्न पदों के लिए सदस्यों द्वारा प्रस्ताव और समर्थन किया गया। कार्यकारिणी के गठन के बाद उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए संघ के हित में एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सालिकराम मेश्राम ने कहा कि ग्राम रक्षक, कोटवार एवं चौकीदारों को वर्तमान में जो मानदेय दिया जा रहा है, वह बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि शासन की कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार उन्हें उचित मानदेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है, जबकि ग्राम स्तर पर उन्हें लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है। इसके अलावा कोटवारों को उपलब्ध कराई जाने वाली ड्रेस की गुणवत्ता को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाली ड्रेस की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और इस ओर भी शासन को ध्यान देना चाहिए। सालिकराम मेश्राम ने बताया कि संघ से जुड़े कर्मचारियों की कई स्थानीय समस्याएं भी हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही प्रदेश संगठन के आह्वान पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी रणनीति अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संघ अपनी मांगों को लेकर अब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि उनकी समस्याओं और मांगों पर शासन स्तर से उचित पहल नहीं होती है तो जिले में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में सीधे खातों में राशि पहुंचने की व्यवस्था कर्मचारियों के लिए बेहतर थी और इस प्रकार की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर भी संघ अपनी बात शासन के समक्ष रखेगा। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने के संकेत दे दिए हैं।







































