इस्लामाबाद: चीन की मदद से बने ग्वादर बंदरगाह को लेकर पाकिस्तान ने बड़ा प्लान बनाया है। बलूचिस्तान प्रांत में स्थित इस गहरे पानी वाले इस बंदरगाह को पाकिस्तान एक क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के तौर पर पेश कर रहा है। पाकिस्तान की योजना सिर्फ इतनी भर नहीं है। वह ग्वादर को एक इंटरनेशनल बिजनेस हब के रूप में विकसित करना चाहता है, जो दुबई की जगह ले सके।
एक पाकिस्तानी अधिकारी ने बीते सप्ताह कहा कि ग्वादर बंदरगाह देश की अर्थव्यवस्था में 25 अरब डॉलर तक का योगदान दे सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ उन चुनौतियों की तरफ इशारा करते हैं जो वैश्विक शिपिंग और व्यापार में इसकी भूमिका को सीमित करती हैं।चीन के महत्वाकांक्षी प्लान का हिस्सा
बलूचिस्तान में स्थित यह बंदरगाह चीन की मदद से तैयार हो रहा है, जो बीजिंग की 60 अरब डॉलर की बहु-महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना का हिस्सा है। गहरे पानी का यह बंदरगाह क्षेत्र में समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है और चारों तरफ जमीन से घिरे मध्य एशिया को समुद्र तक पहुंच देता है।










































