छिंदवाड़ा में पेट्रोल-डीजल का भारी अकाल, पंपों पर लगे ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड, ₹200 से ज्यादा का पेट्रोल नहीं दे रहे पंप संचालक

0

छिंदवाड़ा: जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने और तेल कंपनियों द्वारा सख्त निगरानी व्यवस्था लागू किए जाने के बाद जिले के कई हिस्सों में ईंधन संकट गहरा गया है। सबसे ज्यादा असर कोयलांचल क्षेत्र परासिया में दिखाई दिया, जहां सोमवार को नगर के लगभग सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राय हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि कई वाहन चालकों को अपने वाहन धक्का लगाकर ले जाने पड़े।

सुबह से ही पेट्रोल पंपों के बाहर ‘नो स्टॉक’ और ‘ड्राय’ के बोर्ड लग गए थे। लोग एक पंप से दूसरे पंप तक पेट्रोल की तलाश में भटकते रहे। कई जगहों पर वाहन चालकों और पंप कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। दोपहर तक अधिकांश पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और ईंधन खत्म होते ही लोगों में बेचैनी बढ़ गई।कंपनियों ने शुरू की सख्त मॉनिटरिंग

जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने डीलर्स को मौखिक निर्देश जारी कर तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने पर रोक लगा दी है। अब हर पेट्रोल पंप के स्टॉक और बिक्री की ऑनलाइन निगरानी सीधे कंपनियों द्वारा की जा रही है। डीलर्स को साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित लिमिट से ज्यादा पेट्रोल या डीजल बेचा गया, तो संबंधित मशीन को तुरंत लॉक कर दिया जाएगा। कंपनियों की ओर से नया टैंकर भी तभी भेजा जा रहा है, जब पंप का पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की स्थिति में पहुंच जाए। इससे जिले के कई हिस्सों में सप्लाई बाधित हो रही है।सीमित मात्रा में मिल रहा ईंधन

ईंधन संकट को देखते हुए पेट्रोल पंप संचालकों ने भी राशनिंग व्यवस्था लागू कर दी है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सके, इसके लिए ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई पंपों पर वाहन की टैंक क्षमता का केवल 25 प्रतिशत तक ही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

लागू की गई नई लिमिट

दोपहिया और छोटी कारों को ₹200 से ₹500 तक पेट्रोल
चार पहिया वाहनों को अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल
भारी वाहनों को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल
इस व्यवस्था के कारण कई वाहन चालकों को बार-बार पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है।

परासिया में सबसे ज्यादा असर

परासिया में संकट की स्थिति सबसे गंभीर रही। नगर क्षेत्र में संचालित पांचों पेट्रोल पंप सोमवार सुबह से ही खाली हो गए। पंपों पर पेट्रोल खत्म होने की सूचना मिलते ही वाहन चालकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोगों ने डिब्बों और कैनों में अतिरिक्त पेट्रोल भरवाने की कोशिश की, लेकिन पंप संचालकों ने ऐसे ग्राहकों को मना कर दिया। शाम के समय कुछ पंपों पर सीमित मात्रा में स्टॉक पहुंचा, जिसके बाद देर रात तक वाहन चालकों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी पूरा पेट्रोल नहीं मिल सका।इन इलाकों में भी बिगड़े हालात

संकट का असर न्यूटन चिखली, रावनवाड़ा बाईपास और खिरसाढोह क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंपों पर भी देखने को मिला। यहां दिनभर उपभोक्ता परेशान होते रहे। कई पंपों पर शाम तक स्टॉक नहीं पहुंचा, जिससे लोगों को दूसरे क्षेत्रों की ओर जाना पड़ा।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

जानकारों के मुताबिक मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों की आशंका के चलते कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी के चलते तेल कंपनियों ने सप्लाई और बिक्री पर सख्ती बढ़ा दी है। कंपनियां फिलहाल कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए नियंत्रित वितरण व्यवस्था लागू कर रही हैं। दूसरी ओर, ईंधन संकट की खबर फैलते ही आम लोगों में घबराहट बढ़ गई है। कई लोग एहतियातन अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल स्टोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अचानक मांग बढ़ गई और हालात और खराब हो गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here