पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से करीब ५ किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत ददिया व मुरझड़ के किसानों के लिए सिंचाई का मुख्य साधन वैनगंगा बड़ी नहर की माइनर शाखा अब उपेक्षा का शिकार है। देख-रेख के अभाव में ददिया से मुरझड़ तक जाने वाली यह माइनर नहर पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। वहीं लंबे समय से क्षेत्रीय किसानों ने इस माइनर नहर का सीमेन्टीकरण करवाने की मांग कर रहे है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जिससे किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने शासन-प्रशासन से घोटी से निकली ददिया से मुरझड़ माइनर नहर का जल्द सीमेन्टीकरण करवाने की मांग की है।
आपकों बता दे कि वैनगंगा बड़ी नहर से घोटी से ददिया-मुरझड़ तक माइनर नहर निकली है। पूर्व में जल संसाधन विभाग के द्वारा घोटी से बम्हनी तक सीमेन्टीकरण नहर का निर्माण किया गया है लेकिन गुणवत्तापूर्ण निर्माण नही होने के कारण जगह-जगह से सीमेन्टीकरण नहर टुट-फुट चुकी है। वहीं ददिया से लेकर मुरझड़ तक सीमेन्टीकरण नहर का निर्माण नही किया गया है। जिसके कारण नहर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है एवं झाडिय़ा उग चुकी है। नहर की स्थिति इतनी खराब है कि इसमें जगह-जगह जंगली झाडिय़ां उग आई हैं और मिट्टी धंसने के कारण पानी आगे तक नही पहुंच पाता है। अगर इस माइनर नहर का सीमेन्टीकरण कर दिया जाता है तो ददिया, मुरझड़ के सैकड़ों किसानों को वैनगंगा बड़ी नहर का पानी सिंचाई के लिए मिलेगा जिससे उनकी फसल प्रभावित नही होगी। लेकिन शासन-प्रशासन से द्वारा माइनर नहर के खस्ताहाल की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वहीं किसानों का कहना है कि ददिया से मुरझड़ माइनर नहर का सीमेन्टीकरण नही होने के कारण अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंच ही नहीं पाता, जिससे फसलें प्रभावित हो जाती हैं। मेहनत और लागत लगाने के बाद भी पानी की कमी के कारण पैदावार पर बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जल्द घोटी से निकली ददिया-मुरझड़ माइनर नहर का सीमेन्टीकरण करवाये ताकि खेतों के पानी पहुंच सके।
प्रशासन की अनदेखी से आक्रोश
क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से ददिया-मुरझड़ माइनर नहर के सीमेन्टीकरण की मांग कर रहे हैं। कई बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। शासन-प्रशासन की इसी अनदेखी के कारण अब किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आगे बताया कि नहर की हालत बहुत खराब है। अगर बरसात से पहले इसका सीमेन्टीकरण नहीं किया गया, तो इस साल भी हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हम चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाये। यदि समय रहते नहर का सीमेन्टीकरण कर दिया जाता है, तो पानी का अपव्यय रूकेगा और खेतों तक सुगमता से पानी पहुंच सकेगा, जिससे फसलों को जीवनदान मिलेगा।










































