Indore News: मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की दो घटनाओं के बाद एमपी में प्रशासन एक्शन मोड में है। इंदौर में दो कंटेनरों से 3000 पेटी शराब जब्त की गई है। हालांकि दोनों कंटेनरों का ड्राइवर फरार हो गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह शराब कहां से लाई गई थी।इंदौर: देवास में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के मामले के बाद मध्य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। इसी बीच इंदौर के देवगुराड़िया इलाके में आबकारी विभाग और DGGI की संयुक्त टीम ने दो कंटेनरों से करीब 3000 पेटी शराब जब्त की है।
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करोड़ों रुपए है जब्त शराब की कीमत
वहीं, जब्त शराब की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान कंटेनरों के ड्राइवर मौके से फरार हो गए। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
एक्शन मोड में है सरकार
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में कथित जहरीली शराब पीने से 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए गए हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज और एसपी पुनीत गहलोत को हटाया गया जबकि जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया को निलंबित किया गया।
देवगुराड़िया में कैसे पकड़ी गई शराब?
इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम अवैध शराब के कारोबार पर नजर रख रही है। इसी दौरान देवगुराड़िया में दो कंटेनरों में शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई। कार्रवाई में DGGI और आबकारी विभाग की टीम शामिल रही। मौके से दोनों कंटेनरों को जब्त कर लिया गया है।
एमपी में दो जगहों पर हुई घटना
- मध्य प्रदेश में बीते दो महीने में दो जहरीली शराब की घटनाएं हुई हैं
- सागर में 37 और देवास में जहरीली शराब से 13 मौतें हुईं
- दोनों ही घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए
- इसके बाद से प्रदेश भर में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए कदम उठाए जाए
- सरकार ने इस सिलसिले में देवास और सागर के कलेक्टर-एसपी बदल दिए
शराब कहां से आई, जांच में जुटे अधिकारी
डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल के मुताबिक दोनों कंटेनरों में मिली शराब की जांच की जा रही है। शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों और इसके परिवहन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अब जांच में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब किसके कहने पर लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।







































