धान पंजीयन पोर्टल ठप, सोसायटियों से निराश लौटे किसान

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लालबर्रा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के ९ समितियों के ३८६ किसानों का होना है पंजीयन
दीपावली त्योहार और छुट्टियों के दिन को छोडक़र तारीख बढ़ाने की उठी मांग

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। खरीफ विपणन वर्ष के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि समाप्त हो जाने के कारण सैकड़ों किसान पंजीयन से वंचित हो गये थे। जिसके बाद लगातार किसान सेवा सहकारी समितियों में पहुंचकर समिति प्रबंधक एवं अधिकारियों से चर्चा कर पंजीयन की तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थेे। इसी बीच किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा एक राहत भरा निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष २०२६-२७ में धान उपार्जन पंजीयन से वंचित रह गये किसानों को शासन ने एक और अवसर प्रदान किया है। शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार धान उपार्जन पंजीयन पोर्टल को अब ४ नवंबर तक खुला रखने की अनुमति दी गई है। इससे जिले के वे किसान अपनी निर्धारित अवधि में पंजीयन करा सकेंगे, जो पूर्व में किसी कारणवश छूट गये गये थे।
यानि की पंजीयन से जो किसान छुट गये थे ऐसे किसानों को समर्थन मूल्य में उपज विक्रय हेतु पंजीयन की तिथि को ४ नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। क्षेत्रीय किसान निर्धारित समयावधि पर पंजीयन करवाकर समर्थन मूल्य का लाभ ले सकते है किन्तु शनिवार को जीयन का पोर्टल नही चलने से किसानों का पंजीयन नही हो पाया, जिससे किसानों को बिना पंजीयन करवाये बैरंग लौटना पड़ा और परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की इस व्यवस्था के प्रति किसानों में रोष व्याप्त है।

३८६ किसानों का होना है पंजीयन

लालबर्रा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अंतर्गत आने वाली ९ सेवा सहकारी समितियों के ३८६ किसानों का पंजीयन शेष रह गया था, पंजीयन की तिथि बढऩे से उक्त किसान खुश नजर आ रहे है। वहीं पंजीयन की तिथि बढऩे की जानकारी लगने पर पंजीयन का आस लेकर सोसायटी पहुंचे किसानों को शनिवार को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। पंजीयन का पोर्टल नही खुलने के कारण किसानों को बिना पंजीयन करवाये बैरंग लौटना पड़ा। इसी तरह नगर मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय सेवा सहकारी साख समिति लालबर्रा में भी किसान पंजीयन करवाने पहुंचे लेकिन पंजीयन का पोर्टल ओपन नही होने के कारण कर्मचारियों के साथ ही किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और किसान बिना पंजीयन करवाये बैरंग लौट गये। जबकि पंजीयन की अंतिम तिथि ४ नवंबर है, जिसमें १ नवंबर को रविवार की छुट्टी है, ऐसी स्थिति में महज तीन दिन ही पंजीयन का कार्य होगा, लेकिन पोर्टल नही खुलने पर समयावधि पर पंजीयन नही होने से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और जो तिथि बढ़ाई गई है उसका लाभ किसानों को नही मिल पायेगा। क्षेत्रीय किसानों ने प्रशासन से समर्थन मूल्य में उपज विक्रय हेतु पंजीयन के लिए जो पोर्टल है जिसमें तकनीकी खराबी या साइड चालू नही होने की समस्या आ रही है उसे दुर कर पोर्टल शुरू करवाने की मांग की है एवं छुट्टी के दिन को छोडक़र तिथि बढ़ाने की मांग की है।

रविवार और दीपावली की छुट्टियों ने बढ़ाई चिंता

आपकों बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने तथा दलालों व बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाती है। खरीदी से पूर्व किसानों को सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य होता है, ताकि वे अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेच सकें। शासन के निर्देशानुसार लालबर्रा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अंतर्गत आने वाली ९ बहुउद्देशीय सेवा सहकारी साख समितियों में पहुंचकर किसानों ने १० अक्टूबर तक पंजीयन करवाये थे किन्तु अधिकांश किसान पंजीयन से छुट गये थे। जिनके द्वारा पंजीयन की तिथि बढ़ाने की मांग की गई और शासन द्वारा धान उपार्जन पंजीयन की पोर्टल को ४ नवंबर तक खुला रखने की अनुमति प्रदान की गई है। यानि की शासन के द्वारा निर्धारित अवधि में अपना पंजीयन जिन किसानों ने नही करवाया है वे करवा सकते है। वहीं प्रशासन के द्वारा पंजीयन की तिथि ४ नवंबर तक बढ़ाने जाने की जानकारी लगने के बाद बड़ी संख्या में ३१ अक्टूबर को किसान पंजीयन करवाने सोसायटी पहुंचे लेकिन पोर्टल ओपन नही होने के कारण पंजीयन नही हो पाया है। वहीं साइट न चलने के कारण पंजीयन से वंचित रह गये किसानों की चिंता अब और गहरा गई है। अगले ही दिन १ नवंबर को रविवार का अवकाश है, जबकि इसके बाद आने वाले दिनों में दीपावली पर्व की लगातार छुट्टियां लग जायेगी। ऐसी स्थिति में सोसायटियां और पंजीयन केंद्र बंद रहेंगे, जिससे किसान अपना पंजीयन समय पर नहीं करवा पायेगें। किसानों का कहना है कि यदि पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो वे समर्थन मूल्य पर अपनी धान की फसल बेचने से पूरी तरह वंचित हो जायेगें। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

किसानों ने शासन-प्रशासन से पंजीयन तिथि बढ़ाने की मांग की

अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए चिंतित किसानों ने शासन-प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि सर्वर और पोर्टल की समस्या के चलते उनका समय नष्ट हुआ है, जिसमें उनका कोई दोष नहीं है। क्षेत्र के पीडि़त किसानों ने मांग की है कि सर्वर और तकनीकी व्यवस्था में तत्काल सुधार करने, दीपावली की छुट्टियों और तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए धान पंजीयन की अंतिम तिथि को बढ़ाने की मांग की है।

दूरभाष पर चर्चा में सेवा सहकारी समिति साल्हे ला. प्रबंधक रतनलाल एड़े ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अंतिम तिथि १० अक्टूबर तक समर्थन मूल्य में उपज विक्रय हेतु किसानों ने पंजीयन करवाया था। किन्तु कुछ किसान पंजीयन से छुट गये थे, जिनके द्वारा लगातार पंजीयन की तिथि बढ़ाने की मांग की जा रही थी। श्री एड़े ने बताया कि लालबर्रा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अंतर्गत आने वाले ९ समितियों से ३८६ किसानों की पंजीयन नही होने की सूची तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी। जिसके बाद शासन द्वारा धान उपार्जन पंजीयन की पोर्टल को ४ नवंबर तक खुला रखने की अनुमति प्रदान की गई है। लेकिन शनिवार को पोर्टल ओपन नही होने के कारण पंजीयन नही हो पाया है, शेष किसानों से अपील है कि वे निर्धारित अवधि में पंजीयन करवा लेवें।

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