इस्लामाबाद: सऊदी अरब और तुर्की के साथ ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ पर साइन करने के एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने देश को आतंकवाद का शिकार बताने की कोशिशें फिर से तेज कर दीं है। उन्होंने ‘इस्लामिक NATO’ से भारत और इजरायल की तरफ से पैदा की जा रही ‘चुनौतियों’ से निपटने का आग्रह किया है।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए इस जॉइंट एग्रीमेंट के तहत तीनों देश इस बात के लिए सहमत हुए हैं कि अगर किसी एक सदस्य पर कोई हथियारबंद हमला होता है तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा। इस अहम सिद्धांत की तुलना NATO के आर्टिकल 5 से की जा रही है जिसके अनुसार यूरोप में किसी एक सदस्य पर हथियारबंद हमले को सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है।
ख्वाजा आसिफ की इस्लामिक नाटो से अपील
आपको बता दें कि पाकिस्तान जिसने कई दशकों से भारत में आतंकियों को भेजे हैं उसने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद अपनी नीति बदल दी है। अब पाकिस्तान आतंकी हमलों के बाद भारत पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है। ख्वाजा आसिफ ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर बात करते हुए कहा आतंकवाद को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के लिए एक ‘साझा खतरा’ बताया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा ‘अफगानिस्तान से काम कर रहे भारत-समर्थित तत्व पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।’
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि चल रहे क्षेत्रीय विवादों जिनमें भारत के साथ हालिया सैन्य टकराव भी शामिल है उसके लिए ‘मीडिया में बहस के बजाय आधिकारिक तौर पर निपटने’ की जरूरत है। उन्होंने कहा ‘मुस्लिम देशों को NATO की तरह एक बड़ा गठबंधन बनाने की जरूरत है। सदस्य देशों को आपसी विवादों को दरकिनार करके एक एकजुट रक्षा गुट बनाना चाहिए।’










































