प्लॉट बेचते समय कॉलोनीनाईजर ने किए थे ढेरो वादे, अब मूलभूत सुविधाओ को तरस रहे कॉलोनीवासी

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।अक्सर कॉलोनी नाईजर सर्व सुविधायुक्त कॉलोनी का निर्माण और तरह-तरह की सुविधाए देने का प्रलोभन देकर लोगों को प्लाट बेच देते है।लेकिन वादों के मुताबिक कॉलोनी में सुविधाए नही बनाई जाती,जिसका खामियाजा वहां प्लाट खरीदकर मकान बनाने को भुगतना पड़ता है।जहा के रहवाशी बाद में अक्सर मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर दर दर की ठोकरे खाने के लिए मजबूर नजर आते हैं ।ताजा मामला नगर के वार्ड नं 4 पद्मावती ले-आउट से सामने आया है।जहां के रह वासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक ज्ञापन सौंपते हुए, उनके लेआउट में सड़क बिजली पानी नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं दिए जाने की गुहार लगाई है, साथ ही उन्होंने झूठे प्रलोभन देकर प्लाट बेचने वाले के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही किए जाने की भी मांग की है।

मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे रहवासी
बताया गया कि कॉलोनी नाईजर ने प्रशासन से सभी प्रकार की अनुमति होने की बात कहते हुए, वैध कॉलोनी के नाम से प्लाट तो बेच दिए है, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी कॉलोनी वासियो को मूलभूत सुविधाए प्रदान नहीं की है। अब कॉलोनी में रहने वाले लोग सड़क, बिजली ,पानी, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।जहा सर्व सुविधा युक्त कॉलोनी के नाम पर प्लाट लेकर, अपना आशियाना बनाने वाले लोग, सुविधाओं के आभाव में परेशान है, जिनकी ना तो प्रशासन और ना ही नपा द्वारा सुनवाई की जा रही है।उक्त कालोनी में निवास करने वालो का आरोप है कि कॉलोनी नाईजर ने कॉलोनी में प्लाट विक्रय के दौरान, आवागमन में सुविधा, सीसी रोड, गार्डन, बिजली,पानी नाली जैसी अनेक सुविधाए देने की बात कही थी, लेकिन तरह तरह की सुविधाओ के नाम पर कॉलोनीवासियों के साथ छल किया गया है।

तरह तरह की असुविधा से लोग परेशान
नगर के वार्ड क्रमांक 04 स्थित देवनगर पद्मावती ले-आउट के रहवासियों ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकरशिकायत सौंपते हुए कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। रहवासियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर द्वारा प्लॉट बेचते समय सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, गार्डन और बिजली जैसी सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
आवेदन में बताया गया कि पद्मावती ले-आउट की भूमि खसरा नंबर 161/1, 162/5, 163/1, 164/3 एवं 162/2 रकबा लगभग 9 एकड़ में स्थित है। भूमि स्वामिनी श्रीमती मणी जैन से अनुबंध कर अनावेदक धीरज सुराना द्वारा ले-आउट विकसित किया गया और छोटे-छोटे प्लॉट बनाकर लोगों को बेचा गया। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइजर एक्ट के प्रावधानों का पालन किए बिना प्लॉट विक्रय किए गए।

मूलभूत सुविधाएं देकर, सम्बधित के खिलाफ की जाए कार्यवाही- वार्डवासी
पद्मावती ले-आउट निवासी महेश ठाकरे सहित अन्य
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वर्ष 2009-10 से लोग यहां मकान बनाकर निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। बरसात के दिनों में कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आसपास खेत होने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली सुविधा के लिए उन्हें स्वयं जनभागीदारी योजना के तहत नगर पालिका में राशि जमा करनी पड़ी। इसके बावजूद कॉलोनाइजर द्वारा लगातार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। आरोप है कि अब कॉलोनाइजर कॉलोनी छोड़कर चले गए हैं और फोन तक नहीं उठाते।आवेदकों ने कलेक्टर से मांग की है कि कॉलोनी में शीघ्र सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, गार्डन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की

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