क्या आपका जीवन भी सिर्फ बचत और निवेश के इर्दगिर्द सिमट गया है, तो आपको मशहूर निवेशक वॉरने बफे की इस बात जरूर गौर करना चाहिए। बफे का मानना है कि सिर्फ बचत और निवेश ही जीवन नहीं।Warren Buffett Money Saving and Investment Tip : पैसा कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह समझना भी है कि उसे खर्च कब करना है, बचाना कितना है और निवेश कितना करना चाहिए। दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट की सोच इस मामले में एक अलग नजरिया देती है। उनका मानना है कि पैसे का मकसद सिर्फ बैंक खाते में बढ़ती रकम को देखते रहना नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे जिंदगी को बेहतर और ज्यादा सुरक्षित बनाना होना चाहिए।
सिर्फ बचत करते रहना समझदारी नहीं
अक्सर वित्तीय अनुशासन का मतलब यह मान लिया जाता है कि आज हर तरह के खर्च को रोक दो और भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा पैसा बचाओ। निश्चित तौर पर बचत जरूरी है। इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, घर, रिटायरमेंट और भविष्य की दूसरी जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा बनाना जरूरी है।
लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब बचत ही जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य बन जाए। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए परिवार के साथ फिल्म देखने, छुट्टी मनाने या किसी अच्छे अनुभव पर पैसा खर्च नहीं करता कि भविष्य में उसके पास थोड़ी और रकम हो, तो हो सकता है कि वह आज की जिंदगी बहुत ज्यादा टाल रहा हो। बफेट की सोच का बड़ा संदेश यही है कि वित्तीय योजना में भविष्य के साथ वर्तमान का भी हिस्सा होना चाहिए।पैसा सुरक्षा देता है, खुशी की गारंटी नहीं
वॉरेन बफेट अक्सर यह बात समझाते रहे हैं कि पैसा जिंदगी में बहुत कुछ आसान कर सकता है। पर्याप्त पैसा होने से अचानक आने वाले खर्चों का तनाव कम हो सकता है। नौकरी जाने, बीमारी, घर की जरूरत या किसी दूसरी आपात स्थिति में आर्थिक सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण साबित होती है।
लेकिन पैसा और खुशी एक ही चीज नहीं हैं। अगर किसी व्यक्ति के पास कुछ हजार डॉलर होने के बावजूद वह लगातार असंतुष्ट रहता है, तो सिर्फ ज्यादा पैसा उसके जीवन की हर समस्या का समाधान नहीं कर सकता। यानी एक स्तर के बाद संपत्ति बढ़ने के बावजूद खुशी उसी अनुपात में बढ़े, यह जरूरी नहीं है। यही वजह है कि निवेश का मकसद सिर्फ बड़ा आंकड़ा हासिल करना नहीं होना चाहिए।
बचत करें, लेकिन जिंदगी को रोककर नहीं
वित्तीय अनुशासन का बेहतर तरीका यह हो सकता है कि कमाई का एक हिस्सा बचत और निवेश में जाए, एक हिस्सा जरूरी खर्चों में और कुछ पैसा उन चीजों पर भी खर्च हो जो आपको और आपके परिवार को खुश करती हैं। यहां संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है। मसलन, हर महीने निवेश की योजना बनाते समय अपने जीवन के छोटे-छोटे आनंद को पूरी तरह खत्म कर देना जरूरी नहीं है। परिवार के साथ खाना, कहीं घूमना, कोई शौक पूरा करना या यादगार अनुभव लेना भी जिंदगी का हिस्सा है।
निवेश का असली मकसद क्या?
निवेश का फायदा सिर्फ यह नहीं है कि 20 या 30 साल बाद आपके पास बड़ी रकम हो। निवेश का असली फायदा आर्थिक स्वतंत्रता है। जब आपका पैसा आपके लिए काम करना शुरू करता है, तो भविष्य में आपके पास ज्यादा विकल्प आते हैं। आप नौकरी बदलने, अपना काम शुरू करने, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने या अपनी पसंद के फैसले लेने की बेहतर स्थिति में हो सकते हैं। यानी पैसा साधन है, मंजिल नहीं।
एक्सपर्ट व्यू: इस लेख में दी गई निवेश जानकारी और राय वारेन बफे के विचारों पर आधारित है। इसे निवेश की सलाह या किसी शेयर, म्यूचुअल फंड अथवा अन्य वित्तीय उत्पाद को खरीदने-बेचने की सिफारिश न माना जाए। निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार स्वतंत्र सलाह जरूर लें।










































