भारत-बांग्लादेश सीमा पर बड़ा ड्रामा, भारतीय BSF ने BGB के कड़े विरोध के बाद वापस लिए बांग्लादेशी नागरिक

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अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। नॉर्थ ईस्ट न्यूज के मुताबिक बोंगाव पुलिस स्टेशन के तहत पेट्रापोल में जयंतिपुर बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) से BSF ने जिन 10 से 12 कथित बांग्लादेशी नागरिकों को बॉर्डर के पार धकेला था उन्हें वापस लाना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के एक दिन बाद भारतीय अर्धसैनिक बल की स्थानीय इकाई को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के कड़े विरोध के बाद उन लोगों को वापस लेना पड़ा है।

नॉर्थ ईस्ट न्यूज के मुताबिक ये परेशानी 1 जून की सुबह-सवेरे तब शुरू हुई जब पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में मुख्य इमिग्रेशन पोस्ट पेट्रापोल में तैनात BSF की 172वीं बटालियन ने इन कथित बांग्लादेशी नागरिकों को फेंसिंग के पार धकेलकर ‘नो-मैन्स लैंड’ में भेज दिया था। इसके बाद अगली सुबह BGB को ये लोग अपने बच्चों, थोड़े-बहुत सामान और गठरियों के साथ जेस्सोर जिले के बेनापोल में BGB की सादीपुर चेकपोस्ट के ठीक सामने ‘नो-मैन्स लैंड’ के पास बैठे हुए मिले।भेजे गये ‘अवैध’ बांग्लादेशी नागरिकों को वापस लिया गया

नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने बताया है कि दोपहर के आस-पास BSF और BGB के बीच एक ‘फ्लैग मीटिंग’ हुई जिसमें इस पेचीदा मसले का कोई हल नहीं निकल पाया। यहां तक कि यह गतिरोध सूरज डूबने के बाद भी जारी रहा और देर रात तक चलता रहा। इसके बाद BGB की 49वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल गुलाम मोहम्मद सैफुल आलम खान ने ‘नॉर्थईस्ट न्यूज’ को फोन पर बताया ‘हमने BSF कमांडेंट से साफ-साफ कह दिया है कि हम इन लोगों को बिना उचित प्रक्रिया के स्वीकार नहीं करेंगे। इस प्रक्रिया में बांग्लादेश में उनके पते और अन्य विवरणों का सत्यापन शामिल है।’

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