‘मोदी जी से कहिए, आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा’, राहुल का ऐलान

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राहुल ने दिल्ली के व्यापारियों की अपील को लेकर एक्स पर पोस्ट में कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने पर ही आंदोलन खत्म हो सकता है। क्या है पूरा मामला जानिए…Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली में 1 नवंबर की रैली को लेकर अड़े हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार को घेरा है। राहुल ने दिल्ली के व्यापारियों की अपील को लेकर एक्स पर पोस्ट में कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने पर ही आंदोलन खत्म हो सकता है।ज्ञानेश कुमार को हटाएं….

राहुल ने एक्स पर पोस्ट में कहा, दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं – न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। मोदी जी से कहिए – आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।

CTI ने राहुल गांधी को लिखा था पत्र

बता दें कि व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को 10 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका वाला पत्र लिखा था। CTI ने बताया कि दिवाली के दौरान कारोबारी गतिविधियों पर संभावित असर और 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका को लेकर संगठन कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 24 अक्टूबर को ही पत्र लिख चुका है। अब खरगे को लिखे पत्र में भी संगठन ने रैली की तारीख बदलने की अपील दोहराई है।CTI का दावा है कि अक्टूबर में धरने-प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के व्यापारियों को करीब 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। संगठन को आशंका है कि अगर दिवाली के पीक सीजन में भी यातायात और बाजारों की आवाजाही प्रभावित हुई, तो कुल कारोबारी नुकसान 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। ये आंकड़े संगठन के अनुमान हैं।

धनतेरस पर 25 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान

CTI ने अपने पत्र में कहा है कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है। संगठन के मुताबिक, धनतेरस के मौके पर दिल्ली में सभी सेक्टरों को मिलाकर करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। 8 नवंबर को दिवाली और 10-11 नवंबर को भैया दूज तक बाजारों में खरीदारी का पीक सीजन रहता है। संगठन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंचते हैं। ऐसे में रैली के कारण यातायात या बाजारों तक पहुंच प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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