विदेश में बच्चों की देखभाल के लिए नैनी को देनी पड़ती है IAS के बराबर सैलरी

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नई दिल्ली: दुनिया के कई देशों में लाखों प्रवासी भारतीय यानी एनआरआई रहते हैं। विदेशों में रह रहे या काम करने वाले कई भारतीय अपने बच्चों की देखभाल के लिए भारत से अपने माता-पिता को अपने पास बुलाते हैं। इसकी वजह यह है कि पश्चिमी देशों जैसे अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में बच्चों की देखभाल का खर्च बहुत ज्यादा है। मसलन अमेरिका में नैनी का हर घंटे का खर्च औसतन $26.24 है और सालाना सैलरी लगभग $55,000 (करीब 53 लाख रुपये) है। यह भारत में कैबिनेट सेक्रेटरी की सालाना सैलरी के बराबर है।अमेरिका में करीब 60 लाख एनआरआई रहते हैं। इसी तरह कनाडा में भारतीय प्रवासियों की आबादी करीब 32 लाख है जबकि यूके में भारतीयों की संख्या करीब 21 लाख है। जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों में पेशेवर नैनी का मासिक वेतन आमतौर पर 2,500 यूरो से 3,500 यूरो (लगभग ₹2.2 लाख – ₹3.1 लाख) के बीच होता है। इसी तरह यूएई में नैनी का खर्च 2,000 से 4,000 दिरहम (लगभग ₹45,000 – ₹90,000) प्रति माह होता है।

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